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अनुबंध कर्मचारियों के काम की खबर, कब होंगे नियमित, जानिए सब यहां

Mon, 17 Apr 2017 05:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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अनुबंध की अवधि को पांच से तीन साल करने के वीरभद्र सरकार के फैसले का लाभ हिमाचल के हजारों कर्मचारियों को हो सकता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की इस घोषणा पर राज्य मंत्रिमंडल की मुहर लगते ही अधिसूचना जारी की जा सकती है। जिसके बाद इसका फायदा राज्य के हजारों कर्मचारियों को मिल सकता है।
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हिमाचल के सरकारी विभागों में ठेके पर भर्तियां वैसे तो वर्ष 2003-04 में शुरू हो गई थीं। बाद में हिमाचल प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग और राज्य अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के माध्यम से भी वर्ष 2008 में अनुबंध पर भर्तियां आरंभ हुईं। 
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न केवल सीधी भर्ती ही अनुबंध पर की जाने लगी, बल्कि बैच आधार पर भी भर्तियों को इसी तरीके से शुरू किया गया। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आठ साल के अनुबंध के बाद ही कर्मचारियों को नियमित करने की व्यवस्था की गई।

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उसके बाद भाजपा ने अपने शासनकाल में इस कार्यकाल को घटाकर छह साल कर दिया था। फिर वर्ष 2012 के प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में ये घोषणा शामिल की कि सत्ता में आने पर अनुबंध अवधि को छह साल से घटाकर पांच वर्ष कर दिया जाए।
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सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने ये महत्वपूर्ण कदम उठा लिया। पहली बार वर्ष 2015 में ही अनुबंध कर्मचारी नियमित होने शुरू हुए। सीएम वीरभद्र सिंह की इस घोषणा पर मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार इसकी कभी भी अधिसूचना जारी कर सकती है।
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कुछ शिक्षकों की भर्ती वर्ष 2002 में अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के माध्यम से हुई थी, मगर सरकार बदलने पर इन्हें 2003 में नई सरकार ने नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए थे। इनकी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद इन्हें रद्द कर दिया गया था।
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उस समय अनुबंध भर्तियों का कोई प्रावधान नहीं था। इनका 2002 में चयन नियमित पदों पर हुआ था। ऐसे में ये शिक्षक हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट से इन्हें राहत मिली तो सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। सरकार वहां भी हार गई।
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इसके बाद टीजीटी मेडिकल को वर्ष 2009 में प्रदेश सरकार ने नियुक्तियां दी थीं। टीजीटी नॉन मेडिकल को 2010 में दी गई थीं। टीजीटी आर्ट्स को 2012 में दी गई थीं। मगर ये अनुबंध आधार पर दी गईं। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने इन्हें प्रथम नियुक्ति से सभी लाभों सहित नियमित नियुक्त देने के आदेश दिए थे।
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