Lata Mangeshkar Awards: स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को यूं ही स्वर कोकिला नहीं कहा जाता था। उनकी आवाज में वो खनक और अहसास था, जो उन्हें औरों से अलग बनाता था। भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में उनकी गायकी के दिवाने हैं। यहीं कारण है कि लता मंगेशकर का छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। आखिर हो भी क्यों ना उनकी अवाज आज भी हमारे जहन में बसी है। लता मंगेशकर संगीतकारों की आइडियल है। खास बात ये है कि, लता मंगेशकर ने अन्य भाषाओं के गानों में भी अपनी आवाज दी हैं। जिन्हें आज भी सुना जाता है। वह भारत की सबसे सम्मानित गायिका में से एक थीं। वह बहुत छोटी थी जब उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा था। फिर 13 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार गाना भी गाया था। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हिन्दी सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। आज (28 सितंबर) लता जी का जन्मदिन है। इस खास दिन पर आइए उनकी करियर में मिली उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।