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Violence In Rajasthan: दो अप्रैल को करौली और दो मई को जोधपुर में बिगड़े हालात, चार साल में छह बड़े 'दंगे'

Tue, 03 May 2022 05:11 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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राजस्थान में चार साल में छह जिलों में भड़की हिंसा। - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के जोधुपर में दो मई को देर रात भड़की हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। शहर के दस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू की घोषणा की गई है। साथ ही इंटरनेट सेवा भी बंद है। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को भी तैनात किया गया है। एक महीने में ऐसा दूसरी बार है कि प्रदेश के किसे जिले में हिंसा भड़की हो।

इससे पहले दो अप्रैल को ही करौली में हिंदू नववर्ष पर हिंसा भड़की थी। इस दौरान कई दुकानों और मकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं बीते चार साल की बात करें तो प्रदेश में अब तक हिंसा ही छह बड़ी घटनाएं हुईं हैं। आइए आपको बताते हैं कि प्रदेश में कब-कब हालात बिगड़े? 
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झंडे को लेकर शुरू हुआ था विवाद। - फोटो : अमर उजाला
दो मई जोधपुर: धार्मिक झंडा हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद, पथराव के बाद लगाया गया कर्फ्यू

जोधपुर में शनिवार-रविवार को परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में रैली निकाली गई थी। इस दौरान जालोरी गेट चौराहे पर झंडे लगाए गए। दो मई की देर रात ईद को लेकर समाज के लोगों ने इसी चौराहे पर झंडे लगाने की कोशिश की। लोग वहां पहले से लगे झंडों को हटाकर अपने धर्म के झंडे लगाने लगे, दूसरे समाज के लोगों ने इसका विरोध किया। इस दौरान एक युवक के साथ विशेष समुदाय के लोगों ने मारपीट कर दी। इसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने नमाज के लिए लगाए गए लाउडस्पीकरों को पोल से हदा दिया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर कर हालात काबू में किए। पथराव में डीसीपी भुवन भूषण यादव, एसएचओ अमित सिहाग सहित चार पुलिसकर्मी और कुछ मीडियाकर्मी भी घायल हो गए हैं। मंगलवार सुबह से सरकार सहित जिला प्रशासन हालातों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। शहर के दस थाना इलाकों में चार मई रात 12 बजे तक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। 
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हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर पथराव के बाद करौली में हिंसा भड़की थी। - फोटो : अमर उजाला
दो अप्रैल करौली: बाइक रैली के पर पथराव के बाद भड़की हिंसा, दुकान और मकानों में लगा दी गई थी आग
हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया था। इससे शहर के हटवारा बाजार में हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने 35 से ज्यादा दुकानों, मकानों और बाइकों को आग के हवाले कर दिया। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया और शहर में धारा 144 लागू कर दी, लेकिन इससे हालात नहीं संभले। इसके बाद प्रशासन ने जिले में कर्फ्यू लगाया और फिर इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी थी। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 43 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हिंसा के बाद लगे कर्फ्यू के कारण शहर के लोग करीब 15 दिन तक घरों में कैद रहे थे।  

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दो समुदायों के बीच विवाद के बाद हुईं थी आगजनी की घटनाएं। - फोटो : अमर उजाला
19 जुलाई 2021 झालावाड़: युवाओं के बीच हुए विवाद के बाद बिगड़े हालात
शहर के एक इलाके में दो समुदाओं के युवाओं के बीच किसी बात पर विवाद हो गया। इसके कुछ देर बाद यहां हिंसा भड़क गई। दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। घरों, दुकानों और बाइकों में आगजनी और तोड़फोड़ की जाने लगी। बल प्रयोग कर पुलिस ने लोगों को काबू किया। अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने कुछ इलाकों में तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी। इस दौरान हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 
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दो युवकों की हत्या के बाद बिगड़ गए थे हालात। - फोटो : सोशल मीडिया
बारां 11 अप्रैल 2021: दो युवकों की हत्या के बाद भीड़ हुई हिंसक, आंसू गैस के गोले छोड़ किया काबू
जिले के छाबड़ा में दो युवकों की हत्या होने के बाद हिंसा भड़क गई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने इंटरनेट बंद कर कर्फ्यू लगा दिया गया। सांप्रदायिक हिंसा के दौरान दर्जनों वाहनों, दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई। हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। उग्र प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहन और संपत्ति को भी आग के हवाले कर दिया था। 
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उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे तीन दिन बाद खुला था। - फोटो : सोशल मीडिया
24 सितंबर 2020 डूंगरपुर: आंदोलन उग्र हुआ तो उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर बिगड़े हालात
राजस्थान शिक्षक भर्ती 2018 की अनारक्षित वर्ग की सीटों को जनजाति वर्ग से भरने की मांग को लेकर सात सितंबर को कांकरी डूंगरी पर आंदोलन शुरू हुआ। 200 से ज्यादा अभ्यर्थी पहाड़ी पर धरने पर बैठे गए। तत्कालीन चौरासी विधायक राजकुमार रोत भी धरने में शामिल हुए। हाईवे जाम की चेतावनी के बाद डूंगरपुर, उदयपुर सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में युवा धरना स्थल पर पहुंचते रहे। 24 सितंबर को युवाओं की भीड़ कांकरी डूंगरी पहाड़ी से उतरी और उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर हिंसा करने लगी। इस दौरान पथराव में 35 पुलिसकर्मी घायल हुए। घरों, होटलों और वाहनों में आगजनी की गई। हालात काबू में करने पुलिस को तीन दिन लग गए। 27 सितंबर को हाईवे पर यातायात बहाल हो सका था। 
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दशहरा के जुलूस पर किए पथराव के बाद भड़की थी हिंसा। - फोटो : सोशल मीडिया
08 अक्टूबर 2019 टोंक: जुलूस पर पथराव, कर्फ्यू के बाद इंटरनेट सेवा भी करनी पड़ी थी बंद
जिले में दशहरा का जुलूस निकाला जा रहा था। कुछ उपद्रवियों ने मालपुरा कस्बे में जुलूस में शामिल लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। इकसे बाद हिंसा भड़क गई। हालात काबू में करने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवा बंद कर कर्फ्यू लगाया। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोंक और जयपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर शहर में तैनात किया गया है। पुलिस जवानों के बीच 9 अक्टूबर को रावण का पुतला दहन किया गया था। 
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