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LS Polls: राजस्थान का ये सबसे ऊंचा मतदान केंद्र, दुर्गम पहाड़ियों से 16 KM पैदल चलकर पहुंचा मतदान दल, Photos

Thu, 25 Apr 2024 06:36 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

Rajasthan Lok Sabha Polls Highest polling station in Mount Abu Sirohi
LS Polls: राजस्थान का ये सबसे ऊंचा मतदान केंद्र, दुर्गम पहाड़ियों से 16 KM पैदल चलकर पहुंचा मतदान दल, Photos
 
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मतदान दल - फोटो : अमर उजाला
सिरोही जिले के माउंटआबू स्थित शेरगांव मतदान केंद्र प्रदेश का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र है। 4,921 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस गांव के ग्रामीणों के लिए शुक्रवार को पहला मौका होगा, जब वे अपने गांव के मतदान केंद्र पर मतदान कर सकेंगे। इससे पूर्व को ग्रामीणों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए एक दिन पहले उतरज मतदान केंद्र आना पड़ता था।
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मतदान दल - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मतदान प्रक्रिया के लिए गुरुवार को सबसे पहले प्रदेश के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र शेरगांव के मतदान दल को रवाना किया गया। आरआई सुखराज सिंह ने बताया कि सिरोही का यह मतदान दल जिसमें पोलिंग पार्टी के अलावा पुलिस एवं फॉरेस्ट गार्ड सम्मिलित हैं। गुरु शिखर से शेरगांव की 16 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की है। गौरतलब है कि  सात दशक बाद शुक्रवार को पहला लोकसभा चुनाव होगा, जब यहां के मतदाताओं को अपने गांव में मतदान करने की सुविधा मिलेगी। गांव के 177 मतदाताओं से मतदान करवाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों का दल 16 किलोमीटर का पैदल एवं दुर्गम रास्ते से देर शाम यहां पहुंचे।
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दुर्गम पहाड़ियों के बीच से जाते हुए मतदान कर्मी - फोटो : अमर उजाला
मतदान दल में पोलिंग पार्टी के साथ पुलिस एवं फॉरेस्ट विभाग के गार्ड सम्मिलित हैं। इनके पास बड़ी टार्च भी है। चूंकि, शुक्रवार को मतदान करवाने के बाद वापसी में लौटते समय अंधेरा हो जाएगा। जंगली जानवरों से बचने एवं मतदान दल कर्मचारियों को रास्ता दिखाने के लिए सबसे आगे फॉरेस्ट गार्ड चलेंगे। शेरगांव माउंटआबू की ओरिया ग्राम पंचायत में आता है।
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मतदान दल - फोटो : अमर उजाला
गत विधानसभा चुनाव से पहले तक शेरगांव के मतदाता यह खुद पैदल तय करके उतरज मतदान करने आते थे। इसके लिए ये लोग एक दिन पहले शेरगांव से चलते थे तथा मतदान कर अगले दिन फिर अपने गांव लौटते थे। आज तक न तो किसी राजनैतिक दल का कोई नेता एवं न ही कोई कार्यकर्ता इनके पास मत एवं समर्थन मांगने तक नहीं पहुंचा। लेकिन, इन ग्रामीणों ने बिना किसी शिकवा शिकायत के बढ़-चढ़कर मतदान प्रक्रिया में भाग लिया तथा लोकतंत्र के महायज्ञ में अपनी आहुति दी।
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