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Serial killer: 16 साल का हत्यारा जिसने कुएं-बोरवेल में डाले शव, नमक डालकर गलाई बॉडी, 'जेल' में भी किया मर्डर

सार

Serial killer: 16 साल का हत्यारा जिसने कुएं-बोरवेल में डाले शव, नमक डालकर गलाई बॉडी, 'जेल' में भी किया मर्डर
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सीरियल किलर सीरीज- 3 में पढ़िए रमेश यादव की कहानी। - फोटो : अमर उजाला
Serial killer: राजस्थान सीरियल किलर की यह तीसरी सीरीज है। इससे पहले आपने कनपटीमार शंकरिया और महावीर सिंह उर्फ मोहन की हैवानियत से भरी खौफनाक कहानी पढ़ी। आज हम आपके लिए 20 साल के रमेश यादव की कहानी लेकर आए हैं। रमेश ने 16 साल की उम्र में पहली हत्या की थी। एक साल बाद उसने एक और हत्या कर दी। हत्या करने के बाद रमेश शव को ठिकाने लगा देता था, जिससे उसकी वारदात का खुलासा नहीं हो सका।

2018 में रमेश ने हत्या करने के बाद शव को कुएं में फेंक दिया और 100 किलो नमक डाल दिया। चार साल तक इस हत्या की किसी को भनक नहीं, लेकिन कहते हैं सच एक न एक दिन सामने आ ही जाता है। कुछ ऐसा ही रमेश यादव के साथ हुआ और जब यह सच सामने आया तो पुलिस भी हैरान रह गई। रमेश ने हत्या कर जिस कुएं में शव फेंका था उसमें से एक कंकाल निकला। आइए अब जानते हैं सीरियल किलर रमेश यादव की कहानी...
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : सोशल मीडिया
2018 में रमेश यादव 16 साल था, लेकिन इससे पहले ही वह अपराध की दुनिया में कदम रख चुका था। वह जयपुर की भाई राज नाम से बनी गैंग का सक्रिय गुर्गा था। इसी साल जुलाई महीने में रमेश और उसके साथी सागर चौधरी ने विनोद भूमला को अगवा किया। इसके बाद मनोहरपुर थाना इलाके में कुआं देवबक्स वाली ढाणी क्षेत्र के एक सूनसान जगह ले गए। 

जहां रमेश ने विनोद की हत्या की और शव कुएं में फेंक दिया। शव की बदबू रोकने और उसे ठिकाने लगाने के लिए हत्यारे ने दो बोरी (करीब 100 किलो)  नमक कुएं में फेंक दिया। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। इस हत्या की भनक न तो पुलिस को थी और न ही किसी और व्यक्ति को। हत्यारे खुलेआम घूमते रहे और अपनी जिंदगी जीते रहे। 16 साल की उम्र में पहली हत्या करने वाले रमेश ने अब सीरियल किलर बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिया। 
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कुएं में शव तलाशने उतरी थी टीम। - फोटो : सोशल मीडिया
2019 में रमेश यादव की उम्र 17 साल थी, लेकिन अब वह हत्यारा बन चुका था। अक्टूबर 2019 में जयपुर की विश्वकर्मा पुलिस को मनोहरपुर के बोरवेल में एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान राहुल सैन के रूप में हुई। युवक के अपहरण और हत्या का आरोप रमेश यादव पर लगा था। कहा गया कि हत्या के बाद रमेश बोरवेल में नमक नहीं डाल पाया, बदबू के कारण लोग शव तक पहुंच गए और मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने रमेश यादव की तलाश शुरू की और फिर उसे गिरफ्तार किया, लेकिन बालिग नहीं होने के कारण उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। 

कम उम्र में अपराध करने वाले बच्चों को बाल सुधार गृह भेजने का नियम है। कहा जाता है कि अपराध करने वाले बच्चों को यहां रखकर उन्हें  सुधारने की कोशिश की जाती है। कुछ बच्चे अपनी गलती को सुधार कर सजा पूरी करते हैं और फिर नए जीवन की शुरुआत करते हैं, लेकिन रमेश यादव ऐसा नहीं था। अब तक दो हत्याएं कर चुक रमेश यादव शातिर किलर बन चुका था। रमेश का बाल सुधार गृह में पहले से रह रहे बाल अपचारी अनिरुद्ध से किसी बात विवाद हो गया। 18 मई 2022 को उसने अनिरुद्ध की हत्या कर दी। इसके बाद सीरियल किलर रमेश को बाल सुधार गृह से जयपुर जेल भेज दिया गया। 

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कुएं से निकला युवक का कंकाल। - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे खुला हत्या का राज?
हत्यारा रमेश यादव एक शातिर अपराधी थी। उस पर हथियारों की तस्करी, जानलेवा हमले, लूट और डकैती की साजिश सहित कई अन्य तरह के अपराधों के केस दर्ज थे। 14 जून 2022 को जयपुर की रायसर थाना पुलिस ने उसे एक मामले में पूछताछ करने के लिए प्रोडक्शन वारंट लेकर आई। इस दौरान उसका चार साल पुराना राज खुल गया। पुलिस उसके बताए कुएं पर पहुंची और जांच शुरू की। इस दौरान कुंए से एक युवक का कंकाल, उसके अंडरवियर की इलास्टिक, पायजामा और एक चप्पल भी निकली। बाद में कंगाल की पहचान विनोद भूमला के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को कंगाल सौंप दिया और फिर उसका अंतिम संस्कार किया गया। 
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महावीर सिंह उर्फ मोहन की हैवानियत भरी कहानी। - फोटो : अमर उजाला
संबंध नहीं बनाने पर पेट चीर देता था मोहन, कितने दुष्कर्म किए याद नहीं
कोटा के रहने वाले महावीर सिंह उर्फ मोहन का कोई ठिकाना नहीं था। न तो उसका कोई परिवार था न ही कोई रिश्तेदार, उसने कभी मोबाइल भी यूज नहीं किया। खानाबदोश महावीर खाना खाने और शराब पीने के लिए मजदूरी करता था। महावीर सिंह सीरियल किलर होने के साथ साइको भी था। संबंध बनाने से मना करने पर वह महिलाओं की हत्या कर देता था। हत्या का तरीका भी ऐसा कि जो भी सुने उसकी रूह कांप जाए। वह महिलाओं का पेट चीरकर हत्या करता और फिर उसमे कपड़ें भर देता था। उसने कितनी महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया यह उसे खुद नहीं पता है। यहां क्लिक कर पढ़ें खौफनाक कहानी...
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जानिए कनपटीमार शंकरिया के बारे। - फोटो : अमर उजाला
कनपटीमार शंकरिया जिसने हथौड़े से किए 70 कत्ल, बोला- मारने में मजा आता है
साल 1952, राजस्थान की राजधानी जयुपर में शंकरिया का जन्म हुआ। जैसे हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बेटा अपने जीवन में कुछ अच्छा करें, लेकिन 25 साल की उम्र में शंकरिया ने जो किया उससे लोगों को रुह कांप गई। 1977 से 1978 यानी सिर्फ एक साल में शंकरिया ने करीब 70 लोगों की हत्या कर दी। अपने शिकार को मारने के लिए भी शंकरिया का एक अनोखा अंदाज था। वह लोगों पर हथौड़े से हमला करता था। पुलिस के गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की गई तो उसने कहा, लोगों को हथौड़े से मारने में उसे मजा आता है। यहां क्लिक कर पढ़ें शंकरिया की खौफनाक कहानी...
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