कुएं में शव तलाशने उतरी थी टीम।
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2019 में रमेश यादव की उम्र 17 साल थी, लेकिन अब वह हत्यारा बन चुका था। अक्टूबर 2019 में जयपुर की विश्वकर्मा पुलिस को मनोहरपुर के बोरवेल में एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान राहुल सैन के रूप में हुई। युवक के अपहरण और हत्या का आरोप रमेश यादव पर लगा था। कहा गया कि हत्या के बाद रमेश बोरवेल में नमक नहीं डाल पाया, बदबू के कारण लोग शव तक पहुंच गए और मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने रमेश यादव की तलाश शुरू की और फिर उसे गिरफ्तार किया, लेकिन बालिग नहीं होने के कारण उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
कम उम्र में अपराध करने वाले बच्चों को बाल सुधार गृह भेजने का नियम है। कहा जाता है कि अपराध करने वाले बच्चों को यहां रखकर उन्हें सुधारने की कोशिश की जाती है। कुछ बच्चे अपनी गलती को सुधार कर सजा पूरी करते हैं और फिर नए जीवन की शुरुआत करते हैं, लेकिन रमेश यादव ऐसा नहीं था। अब तक दो हत्याएं कर चुक रमेश यादव शातिर किलर बन चुका था। रमेश का बाल सुधार गृह में पहले से रह रहे बाल अपचारी अनिरुद्ध से किसी बात विवाद हो गया। 18 मई 2022 को उसने अनिरुद्ध की हत्या कर दी। इसके बाद सीरियल किलर रमेश को बाल सुधार गृह से जयपुर जेल भेज दिया गया।