मंदोदरी की प्रतिमा भी है स्थापित
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स्थानीय मान्यता और परंपरा
लोगों का कहना है कि मंडोर रावण का ससुराल था, इसलिए यहां उनकी पूजा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि जोधपुर के मुद्गल और दवे ब्राह्मण रावण के वंशज हैं। यही कारण है कि इस परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी निभाया जाता रहा है।