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Rajasthan: कहानी उस बुलट की जो अपने आप चलती थी, पुलिस भी परेशान, फिर बना बुलेट बाबा का मंदिर

Wed, 14 Sep 2022 10:46 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Rajasthan: कहानी उस बुलट की जो अपने आप चलती थी, पुलिस भी परेशान, फिर बना बुलेट बाबा का मंदिर
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ओम बन्ना धाम - फोटो : अमर उजाला
यह कहानी नहीं, हकीकत है। जिसे जानकर पुलिस ने भी मान ली थी हार। साल 1988 बुलेट बाइक पर सवार एक व्यक्ति की पेड़ से टकराने से मौत हो गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस बाइक को जब्त कर थाने ले आई और शव को अस्पातल भेज दिया। अगली सुबह थाने से बाइक गायब थी। यह जानकारी पुलिस को लगी तो वह हैरान रह गई। बाइक की तलाश शुरू की गई, आखिर में पुलिस को बाइक मिली घटनास्थल पर। पुलिस बाइक को फिर थाने ले आई, लेकिन अगले दिन फिर वही हुआ। बाइक थाने से गायब थी। हर दिन ऐसा होने पर पुलिस परेशान हो गई।
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जोधपुर में है ओम बन्ना धाम। - फोटो : अमर उजाला
तय किया गया कि रात को बाइक ले जाने वाले को पकड़ने के लिए निगरानी की जाए, लेकिन जो हुआ वह किसी रहस्य से कम नहीं था। बाइक की निगरानी में लगे पुलिसकर्मियों के सामने बुलेट खुद स्टार्ट हुई और फिर चलने लगी। वह वहीं जाकर रुकी जहां रोज रुका करती थी। 
यह सब देखने के बाद पुलिस ने हार मान ली और बाइक मृतक व्यक्ति के परिवार वालों को वापस लौटा दी।
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Om Banna Temple Rajasthan (Bullet Baba) - फोटो : Social Media
जिसके बाद राजस्थान के जोधपुर जिले में बना ओम बन्ना धाम। जिसे लोग बुलेट बाबा मंदिर के नाम से भी जानते हैं। आइए आपको बतातें है कि 34 साल पहले ऐसा क्या हुआ कि लोग करने लगे बुलट की पूजा। आज भी जुटती है भीड़।  
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Om Banna Temple Rajasthan (Bullet Baba) - फोटो : Social Media/
23 दिसंबर 1988 को ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के बेटे ओम सिंह राठौड़ बुलेट बाइक से अपनी ससुराल चोटिला गांव जा रहे थे। उनकी बाइक एक पेड़ से टकरा गई। हादसे में ओम की मौत हो गई। जिसके बाद उनकी बुलेट रोजाना घटना घटनास्थल पर पहुंच जाती थी। पुलिस ने परेशान होकर बुलेट परिवार को लौटा दी। जिसके बाद उन्होंने एक मंदिर बनवाया और उसमें उस बुलेट बाइक को रखवा दिया। इस मंदिर का नाम ओम बन्ना धाम है। लोग इसे बुलेट बाबा मंदिर के नाम से भी पुकारते हैं।
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