मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की परंपरागत सीट है चमकौर साहिब।
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पंजाब विधानसभा चुनाव में कई ऐसी सीटें हैं, जिनके परिणाम पर सबकी नजरें लगी हैं। अभी तक यह साफ नहीं है कि किसका पलड़ा भारी है। राजनीति के मैदान के दिग्गज खिलाड़ी अपनी-अपनी रणनीति के साथ डटे हैं। देश के सबसे वयोवृद्ध नेता और पंजाब में बाबा बोहड़ कहे जाने वाले प्रकाश सिंह बादल अपनी परंपरागत सीट लंबी से चुनाव में उतरे हैं। बेटे सुखबीर बादल के लिए वह सत्ता का रास्ता तैयार करने में पूरी शिद्दत से जुटे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस का सीएम चेहरा हैं और दो जगह से ताल ठोक रहे हैं। शिअद प्रधान सुखबीर बादल भी अपनी सुरक्षित सीट जलालाबाद से मैदान में हैं। सबसे कड़ा मुकाबला अमृतसर पूर्वी में दिख रहा है। यहां से पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू मैदान में हैं। वह हमेशा ही बादल परिवार पर हमलावर रहे हैं। उन्होंने शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर से लड़ने की चुनौती क्या दी, मजीठिया मजीठा सीट को छोड़कर उनके सामने आ डटे। वह पूरी ताकत प्रचार में झोंक रहे हैं। देखना रोचक होगा कि अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले सिद्धू कैसे उनका मुकाबला करते हैं। आइए डालते हैं चर्चित सीटों पर एक नजर।
लंबी सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मैदान में हैं।
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2017 में इस सीट पर प्रकाश सिंह बादल ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को हराया था।
अमृतसर पूर्व सीट पर सिद्धू इस बार कड़े मुकाबले में फंसे हैं।
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बिक्रम मजीठिया के अमृतसर पूर्व सीट से चुनाव लड़ने से यहां मुकाबला रोचक बन गया है।
आप सांसद भगवंत मान के यहां से लड़ने से ये सीट चर्चित हो गई है।
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भगवंत मान के यहां से लड़ने के कारण ये सीट चर्चा में है।
जलालाबाद सीट पर सुखबीर बादल का मुकाबला आप, भाजपा और कांग्रेस से है।
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जलालाबाद सुखबीर बादल की परंपरागत सीट है।
2002 से इस सीट पर कैप्टन अमरिंदर सिंह जीतते रहे हैं।
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अमरिंदर सिंह को इस सीट पर कांग्रेस के विष्णु शर्मा और आप के अजीत पाल सिंह कोहली कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
2017 में भदौड़ से आप के पिरमल सिंह धौला जीते थे।
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मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब के साथ भदौड़ सीट से भी उम्मीदवार हैं।
2017 में कादियां से प्रताप सिंह बाजवा के भाई जीते थे।
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प्रताप सिंह बाजवा कादियां से टिकट मिलने के बाद उनके भाई फतेह जंग बाजवा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा एक बार फिर डेरा बाबा नानक से मैदान में हैं।
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डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा 2017 में भी यहां से जीते थे।
ओम प्रकाश सोनी अमृतसर जिले की पश्चिमी सीट से तीन बार विधायक रहे हैं।
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डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी पांच बार के विधायक हैं।
2012 में विधायक रहे अश्वनी शर्मा 2017 में यहां से हार गए थे।
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अश्वनी शर्मा का मुकाबला कांग्रेस के अमित विज, आम आदमी पार्टी के विभूति शर्मा और अकाली-बसपा गठबंधन के ज्योति पाल भीम से है।
2019 में यहां से कांग्रेस की बलविंदर सिंह धालीवाल जीते थे।
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भाजपा के विजय सांपला का मुकाबला मौजूदा विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल, आप के जोगिंदर सिंह मान और अकाली दल-बसपा गठबंधन के जसवीर सिंह गढ़ी से है।