इस साल दिवाली पर चतुग्रही योग बन रहा है। तुला राशि में सूर्य, चंद्र, मंगल और बुध की युति होगी। यह योग सुख-समृद्धि, भौतिक पदार्थों व धन-धान्य में वृद्धि करेगा। यह कहना है देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और चंडीगढ़ के सेक्टर 28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री का। उन्होंने कहा कि सागर मंथन के दौरान कार्तिक अमावस्या को लक्ष्मी माता प्रकट हुई थी। इस दिन लक्ष्मी माता की प्रसन्नता के लिए रात्रि में लक्ष्मी पूजन किया जाता है। दिवाली चार नवंबर दिन गुरुवार को है। इस दिन गणेश, लक्ष्मी, कुबेर का पूजन करना चाहिए। लक्ष्मी माता की पूजा षोडशोपचार से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन के समय आयुष्मान योग एवं स्वाति नक्षत्र का योग भी शुभ कारक है। कोई भी पूजा, अनुष्ठान, पाठ, यज्ञादि शुभ मुहूर्त में प्रारंभ करने चाहिए।