गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता पूर्व फौजी बलकौर सिंह और माता सरपंच चरण कौर अपने इकलौते बेटे की मौत से आहत हैं। वे बार बार सरकार को बेटे की मौत का जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि जैसे ही सोशल मीडिया पर मूसेवाला की सुरक्षा हटाने की खबर आई, उनके घर के सामने कई अंजान गाड़ियां घूमने लगीं। अच्छा होता कि सरकार यह फैसला सार्वजनिक ही नहीं करती। उनके बेटे की मौत की जिम्मेवार पंजाब सरकार है। उन्हें मशहूर होना रास नहीं आया, इससे अच्छा होता हम गरीब ही रहते। कम से कम अपने पुत्र के साथ जिंदगी तो जीते।
सिद्धू की हत्या करने वालों से भी उन्होंने कहा कि अगर कोई झगड़ा था तो बैठकर बात कर लेते। तुम्हारे भी मां-बाप होंगे, हम भी सिद्धू के मां-बाप हैं, जिनको तुमने जीते जी मार दिया है। बुधवार को मूसेवाला की अस्थियां चुनने की रस्म के दौरान उनके माता-पिता बार बार आंसू पोंछते दिखे। गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब के हेड ग्रंथी भाई निर्मल सिंह ने शुभदीप सिंह की अंतिम अरदास करते हुए परमात्मा से परिजनों को धैर्य देने की कामना की।
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कीरतपुर साहिब में सिद्धू मूसेवाला की अस्थियां विसर्जित करते पिता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
सिद्धू मूसेवाला की अस्थियां जल प्रवाह करने के बाद जब परिजन गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए आगे बढ़े तो सिद्धू की माता चरण कौर बेसुध हो गईं। राजा वडि़ंग तथा अन्य लोगों ने सिद्धू की माता को संभाला और व्हील चेयर के माध्यम से दरबार साहिब माथा टेकने पहुंचे। अंत में सिद्धू के पिता सिद्धू समर्थकों को हाथ जोड़कर अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।
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सिद्धू मूसेवाला की अंतिम अरदास।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
पुलिस पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में दबिश दे रही है। इसके अलावा प्रोडक्शन वारंट पर लिए गए गैंगस्टर सारज और मनप्रीत मन्ना से भी पूछताछ की जा रही है। एसएसपी मानसा गौरव तूरा ने बताया कि पुलिस ने पता लगा लिया है कि हमलावर किस रूट से आए और कहां से गए। हमलावरों ने कब कहां से रेकी की, पुलिस को बरामद गाड़ियों से इसके सुराग मिले हैं।
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मूसेवाला के शव के पास बैठे उनके माता पिता।
- फोटो : social media
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हरियाणा के अध्यक्ष संत बलजीत सिंह दादूवाल सिद्धू परिवार के साथ अफसोस करने के लिए गांव मूसा पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुझे भी डेरामुखी ने मरवाने की साजिश रची थी। मैं पंजाब सरकार से सुरक्षा मांगता रहा, न तो कैप्टन सरकार, न चन्नी सरकार और न भगवंत मान ने सुरक्षा दी। उन्होंने कहा कि मूसेवाला की हत्या से यह साबित हो गया है कि जेल में बैठकर भी गैंगस्टर कैसी साजिश रचते हैं। भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
सिद्धू मूसेवाला अपनी मां के साथ।
- फोटो : instagram
सिद्धू मूसेवाला बेशक कांग्रेस का युवा नेता था लेकिन गायक होने से उसकी पहचान को कोई भुला नहीं सकता था। जहां सैकड़ों युवक सिद्धू के अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए पहुंचे वहीं अकाली तथा कांग्रेसी नेता भी गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब में पहुंचे। लेकिन बड़ी बात यह रही कि सत्ताधारी सरकार से न तो कोई नेता या वर्कर पहुंचा तथा न ही पुलिस प्रशासन के अलावा आलाधिकारी पहुंचा।