प्रसिद्ध पंजाबी गायक व अदाकार सिद्धू मूसेवाला को गाड़ियों का बहुत शौक था। उनके पास कई महंगी गाड़ियां थीं। हत्या वाले दिन मूसेवाला पजेरो से अपनी मौसी के घर जाना चाहते थे, लेकिन टायर पंक्चर होने के कारण थार लेकर निकल पड़े। रास्ते में घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें घेरकर मार डाला। यह बातें बुधवार को मूसेवाला के घायल साथी गुरप्रीत सिंह और गुरविंदर सिंह ने विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवली से बताईं। बनांवली उनका हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे। गुरप्रीत सिंह और गुरविंदर सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन सिद्ध घर पर ही थे। शाम को अचानक बोले-चलो मौसी का पता लेने चलते हैं। यह कहकर वह अपनी पजेरो गाड़ी की ओर बढ़े तो देखा टायर पंक्चर था। इसके बाद कहा-थार खड़ी है इसको कभी लेकर नहीं गए। आज इसे ही ले चलते हैं। रास्ते में कोरोला कार करीब 10 मिनट से उनका पीछा कर रही थी।
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सिद्धू मूसेवाला।
- फोटो : फाइल
हमलावरों ने सबसे पहले थार के टायरों को निशाना बनाया ताकि सिद्ध भाग न सके। हमला होते ही मूसेवाला ने अपनी पिस्टल से शूटरों पर गोलियां चलाईं लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद तो शूटरों ने अंधाधुंध गोलियों की बरसात कर दी।
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सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : सोशल मीडिया
थार के बिलकुल सामने आकर सिद्धू के सिर व माथे पर गोलियां मारीं, जिससे वह सीट पर ही लुढ़क गए। पिछली सीट पर बैठा होने के कारण गुरप्रीत बाल-बाल बच गया। गुरप्रीत ने कहा कि उसे जिंदगी भर यह मलाल रहेगा कि साथ होते हुए भी वह अपने भाई जैसे दोस्त को बचा नहीं सका।
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सिद्धू मूसेवाला की थार कार में हमले के निशान
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि मशहूर पंजाबी गायक, रैपर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की रविवार शाम गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर दो कारों में सवार होकर आए थे। हत्याकांड को उस समय अंजाम दिया गया, जब सिद्धू अपनी थार गाड़ी से दो साथियों के साथ मानसा के गांव जवाहरके के रास्ते गांव खारा-बरनाला जा रहे थे।
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लाल घेरे में सिद्धू मूसेवाला की थार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाबी रैपर की सुरक्षा में चार पुलिस गनमैन थे। इनमें से दो सुरक्षाकर्मियों को पंजाब सरकार ने वापस बुला लिया था। वारदात के वक्त दोनों सुरक्षाकर्मी साथ में नहीं थे।
सिद्धू हमेशा बुलेटप्रूफ गाड़ी में चलते थे, लेकिन रविवार शाम को वह अपनी थार को खुद चलाकर जा रहे थे। दोनों गाड़ियों में करीब दस शूटर सवार थे और सभी के पास रिवाल्वर और पिस्तौल के अलावा विदेशी एके-47 थी।