मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
Mon, 16 Nov 2015 05:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
जूलियाना डे फैरिया एक ब्लॉगर हैं। उन्होंने ट्विटर पर उन लड़कियों को अपनी आपबीती के लिए आमंत्रित किया जो यौन उत्पीड़न की शिकार हुईं।
मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
उस दिन 12 लोग मेरे ऊपर हॉर्न बजा रहे थे, जब मैं अकेली जा रही थी। तब से अकेले चलने में मुझे डर लगता है।
मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
गर्मियों के दिनों में जब मैंने छोटे कपड़े पहने थे तो परिवार के ही एक जानने वाले ने मेरे टांगों पर हाथ लगाया, तब मैं करीब 12 साल की थी।
मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
मैं 11 साल की थी जब रास्ते में जाते समय एक शख्स ने मेरे बगल में कार रोकी और कहा, ''मेरी कमीज कितनी चुस्त है।'' तब से मैंने उस कमीज को कभी नहीं पहना।
मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
12-13 साल की उम्र में कई बुजुर्गों ने मेरी बढ़ती हुई उम्र में ढलते शरीर को लेकर कमेंट किए।
मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
एकबार कुछ लड़के मुझे देखते ही गाड़ी का हॉर्न बजाने लगे। मेरी उम्र करीब 14 साल थी। उन लड़कों ने कहा कि इसे कॉम्पलीमेंट की तरह लो।
मैं अकेली थी, अंकल आए और... यौन उत्पीड़न पर फूटे लड़कियों के जज्बात
मेरी उम्र करीब 13 की रही होगी, जब मैं एकबार घुड़सवारी कर रही थी। तब एक शख्स ने मुझे देखते ही कहा कि उसे घोड़े पर लगी बैठकी से जलन हो रही है।
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