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सतर्कता जरूरी, किसी पर न करें अंधा भरोसा
यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह कहते हैं कि डेटिंग ऐप्स पर केवाईसी या वेरीफिकेशन जैसे सिस्टम नहीं होते हैं। इनके जरिए ठगी, ब्लैकमेलिंग और रिश्तों में धोखाधड़ी के मामले हर सप्ताह सामने आते हैं। हाल ही में हमारे पास कई ऐसे केस आए, जहां महिलाओं ने डेटिंग ऐप पर दोस्ती की वजह से एक-दो करोड़ रुपये गंवा दिए। ऐसे ऐप में अपनी उम्र, व्यवसाय, जाति, स्थान और रिश्तों की सच्चाई के बारे में झूठ बोलना आम बात बन चुका है। जरूरी है कि इन ऐप का इस्तेमाल करते वक्त बेहद सतर्कता बरती जाए, किसी पर अंधा भरोसा ना करें। जरा सी लापरवाही आपके लिए ढेरों मुसीबतें लेकर आती हैं। मान कर चलें कि सोशल साइट्स और डेटिंग साइट्स पर आधे से अधिक जानकारियां गलत दी जाती हैं। इसलिए कोई अपने बारे में कुछ बता रहा है या मिलने बुला रहा है तो तुरंत विश्वास ना करें। साथ ही खुद से जुड़ी निजी जानकारियां भी आसानी से साझा ना करें। यदि आप डेटिंग ऐप के जरिए दोस्त बना रहे हैं तो बार-बार सूचनाओं को क्राॅसचेक करते रहें। पार्टनर की छोटी-बड़ी गतिविधियों पर ध्यान दें। कुछ भी संदेहास्पद लगने पर तुरंत सतर्क हो जाएं और किसी तरह की अप्रिय घटना के सामने आने पर पुलिस को सूचित करें।