उज्जैन यूं तो विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की वजह से प्रसिद्ध है, लेकिन यहां कई ऐसे मंदिर हैं जो विशेष महत्व रखते हैं। एक ऐसा ही भगवान मार्कंडेश्वर महादेव मंदिर है। यहां दर्शन मात्र से मृत्यु को परास्त करने का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। आज भी इस मंदिर में मृत्यु के देवता यमराज की प्रतिमा जंजीरों में बंधी दिखाई देती है।
विष्णु सागर के तट पर रामजनार्दन मंदिर के पास स्थित है भगवान मार्कण्डेश्वर महादेव का मंदिर। यहां भगवान के दर्शन मात्र से ही भक्त की आयु बढ़ती है। संपन्नता का आशीर्वाद भी मिलता है। इसी मान्यता की वजह से भक्त यहां जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ पर आरोग्य की प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर के पुजारी जय गुरु का कहना है कि मार्कण्डेश्वर ऋषि ने यहां काल को परास्त कर मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी। ऐसा कर वे चिरंजीवी हुए थे। इस मंदिर में काल अर्थात यमराज बंधन में बंधे हुए हैं। मंदिर में विराजित सिद्ध शिवलिंग दक्षिण दिशा की ओर है। यह मंदिर अत्यंत चमत्कारी है। पूजन-अर्चन करने से आयु और आरोग्यता की प्राप्ति तो होती ही है इसके साथ ही चौरियासी महादेव में से इस मंदिर का क्रम 36वे नंबर पर आता है। मंदिर में प्रतिदिन ही काफी भीड़ रहती है लेकिन तीन वर्षों में एक बार आने वाले अधिक मास में सैकड़ों श्रद्धालु भगवान का पूजन-अर्चन करने पहुंचते हैं।