मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में शिप्रा नदी के किनारे भूखी माता का बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। दरअसल, इस मंदिर मे दो देवियां विराजमान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि यह दोनों बहने हैं। इनमें से एक को भूखी माता और दूसरी को धूमावती के नाम से जाना जाता है।
इस मंदिर को भुवनेश्वरी भूखी माता मंदिर भी कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि आज भी उस मंदिर में पशु बलि देने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। दरअसल, उज्जैन के इस मंदिर में आकर अपने हाथों से शाकाहारी भोजन बनाकर माता को भोग लगाने से देवी प्रसन्न होती है। इस मंदिर में दो दीपस्तंभ भी हैं, जिन पर हर साल नवरात्र मे दीप प्रज्जवलित किए जाते हैं। नवरात्र में अष्टमी की पूजा के बाद माता को मदिरा का भोग लगता है।