सीहोर के सलकनपुर में है विजयासन धाम
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रक्तबीज से युद्ध के अवशेष नजर आते हैं पहाड़ी पर सैकड़ों जगह
कहा जाता है कि राक्षस रक्तबीज के वध के बाद माता जिस स्थान पर बैठी थीं, उसी स्थान को विजयासन के रूप में जाना जाता है। इसी पहाड़ी पर सैकड़ों जगह पर रक्तबीज से युद्ध के अवशेष नजर आते हैं। नवरात्र में इस स्थान पर लाखों श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर चढ़ावा-चढ़ाने, जमाल चोटी उतारने और तुलादान कराने पहुंचते हैं। परिसर सर्वसुविधायुक्त है।
प्रतिदिन हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
सलकनपुर देवीधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे है। नवरात्री पर्व के दौरान हजारों श्रद्धालु देवीधाम पहुंचकर मां बिजासन की विधिवत पूजन अर्चन कर रहे हैं। सलकनपुर में श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। यहां यात्रियों के आगमन, पार्किंग, पेयजल आदि की सभी व्यवस्थाएं की गई है। इसके ही श्रद्धालु सुविधाजनक ढंग से दर्शन कर सकें, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा अनेक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रांरभ सीढ़ी मार्ग, मध्य सीढी़ मार्ग, वाहन मार्ग, मेला स्थल, मंदिर परिसर में भी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
ऐसे पहुंचे सलकनपुर धाम
जिला मुख्यालय सीहोर से 80 किमी दूर रेहटी तहसील में है। रेल मार्ग से भोपाल से 75 किमी की दूरी पर है। होशंगाबाद से 40 किमी की दूरी पर, इंदौर से 180 किमी और सीहोर से 80 किमी की दूरी पर बस द्वारा मां विजयासन धाम पहुंचा जा सकता है।