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Madhya Pradesh: मंडला में स्क्रैप से बना रोबोट संभालेगा ट्रैफिक, तीन हजार रुपये में पुलिस अधिकारी ने बना डाला

Wed, 17 Aug 2022 08:01 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

सार

Madhya Pradesh: मंडला में स्क्रैप से बना रोबोट संभालेगा ट्रैफिक, तीन हजार रुपये में पुलिस अधिकारी ने बना डाला Madhya Pradesh: Robot made of scrap will handle traffic in Mandla, police officer made it for three thousand rupees
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मंडला में ट्रैफिक सुधारने में मदद करेगा रोबोट - फोटो : ANI
मध्य प्रदेश के मंडला में यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने कबाड़ से एक रोबोट बनाया है, जो ट्रैफिक को कंट्रोल करने में मदद कर रहा है। इसका फायदा भी दिखने लगा है। लोग नियमों का पालन करने लगे हैं। इस रोबोट को बनाने में करीब 2-3 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इंदौर में भी यातायात सिग्नल के रूप में देश का पहला रोबोट स्थापित किया गया था, हालांकि इसे इंजीनियरों ने मिलकर 30 लाख रुपये में बनाया था। मंडला के पुलिस अधिकारी की अब सभी जगह तारीफ हो रही है।
 
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इस रोबोट को घरेलू चीजों से बनाया गया है। - फोटो : ANI
बता दें कि मंडला जिले के यातायात थाने में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी सूबेदार योगेश राजपूत ने ये कमाल किया है। उन्होंने न्यूज एजेंसी को बताया कि हमारे ज़िले में एक ही चौराहा है जहां सिग्नल लगा है। ग्रामीण अंचलों से लोग शहर आते हैं। लोगों से सिग्नल का पालन कराना बहुत बड़ा टास्क है। इसी उद्देश्य के तहत मैंने एक रोबोट बनाया है, जो लोगों को बता सके कि ट्रैफिक सिग्नल का पालन कैसे करना है। इस रोबोट को बनाने के लिए मैंने घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया है, जिसमें लगभग 2-3 हजार रुपये का खर्च आया है। 
 
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सूबेदार योगेश राजपूत ने ये रोबोट बनाया है। - फोटो : ANI
योगेश राजपूत ने बताया कि रोबोट को प्रायोगिक तौर पर बनाया गया है। इस पर अधिक काम करने के पश्चात इसकी कमियों को दूर कर अच्छा बनाया जाएगा। योगेश ने रोबोट में एक कैमरा भी सेट किया है, जो चौराहे की वीडियो रिकॉर्ड करता है।

इंदौर में पहले से ट्रैफिक संभाल रहा रोबोट
बता दें कि इंदौर में देश का पहला रोबोट बनाया गया था, जो ट्रैफिक कंट्रोल करने में मदद करता है। इसे जहां लगाया गया है, उस चौराहे का नाम ही रोबोट चौराहा पड़ गया है। इंदौर के इस रोबोट को करीब 30 लाख में बनाया गया था, जबकि मंडला का रोबोट 203 हजार में ही तैयार होना बताया जा रहा है। 
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