मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार थम चुका है। प्रचार थमते ही चुनाव आयोग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना भी शुरू कर दिया है। प्रदेश में 65,367 केन्द्रों पर मतदान कराया जाना है। मतदान कार्यों के लिए कुल तीन लाख कर्मचारी लगाए गए हैं। विषम परिस्थिति वाले इलाकों में मतदान कर्मियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
विज्ञापन
2 of 4
महिला मतदानकर्मी
- फोटो : amar ujala
65 हजार महिला कर्मियों को चुनाव कार्यों में लगाया गया है। महिला कर्मी 2000 बूथों पर चुनाव कार्य देखेंगी। 160 मतदान केन्द्रों का जिम्मा केवल दिव्यांग कर्मचारियों को दिया गया है। इसके अलावा 12 हजार केंद्रीय कर्मी पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे।
विज्ञापन
3 of 4
Security forces
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिये 1 लाख 80 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किये जाएंगे। इनमें केन्द्रीय और राज्य के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
मतदान कार्यों को अंतिम रूप देने में लगा मतदान कर्मी
- फोटो : amar ujala
मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने क्यूलेस (कतार मुक्त) नाम के मोबाइल एप्लिकेशन ऐप को ट्रायल के तौर पर शुरू किया है। शुरुआत में इस ऐप की मदद से वोट डालने की सुविधा हर विधानसभा क्षेत्र के पांच मतदान केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर चार महानगरों के लिए यह जारी किया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक 28 नवंबर को विधानसभा की 230 सीटों पर होने वाले मतदान के लिये कुल 2907 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें 1102 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद प्रदेश में कुल 5,04,95,251 मतदाता हैं। इनमें 2,63,01,300 पुरुष, 2,41,30,390 महिला एवं 1,389 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं।