शुक्रवार को नौगांव की फिजा में गंगा जमुनी तहजीब के रंग घुले, हजारों रोजेदारों ने हिन्दू भाइयों द्वारा आयोजित इफ्तार दावत में अपना रोजा खोला और प्रदेश की खुशहाली की दुआ मांगी।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में रमजान के महीने में हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। शुक्रवार को नौगांव की फिजा में गंगा जमुनी तहजीब के रंग घुले, हजारों रोजेदारों ने हिन्दू भाइयों के द्वारा आयोजित इफ्तार दावत में अपना रोजा खोला और प्रदेश की खुशहाली की दुआ मांगी।
वैसे तो नौगांव की पहचान देश के 10 सबसे गर्म शहरों के रूप में की जाती है। यहां का मौसम भले ही गर्म हो, लेकिन लोगों की तासीर पर मौसम का असर नहीं दिखता। यहां के पानी में भाईचारे की मिठास और हवाओं में गंगा जमुनी तहजीब की महक आज भी बरकरार है।
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नौगांव में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब।
- फोटो : अमर उजाला
नौगांव में रमजान के अलविदा जुमे पर हिन्दू मुस्लिम एकता की तस्वीर देखने को मिली। जामा मस्जिद के बाहर हिन्दू समाज के लोगों ने नौगांव के करीब 2000 रोजदारों को रोजा इफ्तार कराया,इफ्तार की दावत में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। हिन्दू समाज के लोगों ने मस्जिद के सामने खड़े होकर रोजेदारों को हाथ जोड़कर इफ्तार दावत का आमंत्रण दिया, तो वहीं मुस्लिम समाज के लोगों ने हाथ मिलाकर और गले लगकर आमंत्रण कबूल किया।
जामा मस्जिद के सदर निसार मोहम्मद और अंजुल सक्सेना के अनुसार रोजा इफ्तार कराने की परंपरा करीब 25 से 30 सालों से यूं ही चली आ रहा है, अंजुल सक्सेना और उनका परिवार इस परंपरा को आज भी निभा रहा है। आयोजन में नगर के हर जाति, वर्ग और समाज के लोगों का परस्पर सहयोग और भागीदारी होती है।
नगर में हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई सभी एक दूसरे के त्योहारों में इस परंपरा का निर्वहन कर सहयोग स्वागत करते हैं। रामनवमी के दौरान जहां मुस्लिम भाई अपनी मस्जिद के सामने सजावट स्वागत करते हैं, तो वहीं हिंदू भी मुस्लिम भाइयों के त्यौहार में इसी तरह पर सामंजस्य और परम्परा का निर्वहन करते हैं। नौगांव की मिट्टी तहज़ीब, एकता और परस्पर सामंजस्य की महक को समेटे हुए है।