बाढ़ के कारण घर टूटे।
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पीड़ितों ने कहा- साहब! घर-बार टूट गया, लौटकर कहां जाएं
कटनी जिला प्रशासन द्वारा लोगों के रुकने और खाने-पीने की व्यवस्थाओं के लिए 9 अस्थाई राहत केंद्र बनाए गए हैं जहां महिला, पुरुष, बच्चे सहित कुल 2300 लोग आश्रय लिए हुए हैं। हालांकि, वहां मौजूद लोगों की एक ही परेशानी है कि यहां से निकलकर कहां जाएंगे। उमरियापान के छोटी पौड़ी निवासी पुष्पलता बर्मन ने अपनी आपबीती बताई कि किस तरह वो अपने पति और 2 बच्चों को कंधे पर बिठाकर गले तक भरे पानी से बाहर आई हैं। लेकिन, उनका सब कुछ पानी में तबाह हो गया है, न घर बचा, न खाने को अनाज।