कॉरिडोर को तोड़ने की हलालपुर बस स्टैंड से शुरूआत की गई। गैस कटर से लोहे की रैलिंग को काटा जा रहा है। वहीं, जेसीबी मशीन से सीमेंट की कर्व को तोड़ा जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से एक से डेढ़ मीटर के एरिया को कवर्ड किया गया है।
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पीडब्ल्यूडी ने बीआरटीएस हटाने का काम शुरू किया
- फोटो : अमर उजाला
13 साल पहले बने बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का काम शनिवार रात 10 बजे से शुरू हो गया। इसकी शुरुआत बैरागढ़ से हुई। यहां पर लोक निर्माण विभाग ने बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने का काम शुरू किया। वहीं, सुरक्षा की द्ष्टि से डेढ़ मीटर का एरिया कवर्ड किया गया।
कॉरिडोर को तोड़ने की हलालपुर बस स्टैंड से शुरूआत की गई। गैस कटर से लोहे की रैलिंग को काटा जा रहा है। वहीं, जेसीबी मशीन से सीमेंट की कर्व को तोड़ा जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से एक से डेढ़ मीटर के एरिया को कवर्ड किया गया है। चार किमी के कॉरिडोर में बस स्टाप को हटाने का काम पहले ही कर लिया गया है। बता दें इससे पहले शुक्रवार रात को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और भोपाल नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोबल ने निरीक्षण किया था। जिमसें में उन्होंने कॉरिडोर हटाने के दौरान ट्रैफिक को असुविधा ना होने का ख्याल रखने को कहा गया।
बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के लिए जेसीबी मशीन
- फोटो : अमर उजाला
बता दें इसके बाद मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमलापार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी हलापुर बस स्टैंड तक बीआरटीएस को तोड़ने का काम नगर निगम करेगा। इस पर करीब 18.50 करोड़ रुपए का खर्च होंगे। तत्कालीन शिवराज सरकार ने भोपाल बीआरटीएस को 2011 में संशोधित डीपीआर के बाद मंजूरी दी थी। इसका काम दो साल बाद सितंबर 2013 में पूरा हुआ था। इसमें संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ से लेकर मिसरोद तक का 24 किमी का निर्माण किया गया। इस पर करीब 360 करोड़ रुपये खर्च किया गया।