फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल ऐप में आने के ये हो सकते हैं अखिलेश यादव के 5 मकसद

विज्ञापन
1 of 6
अखिलेश यादव अब मोबाइल ऐप पर उपलब्ध हैं। अखिलेश यादव मोबाइल ऐप पर क्यों आए हैं इसके 5 मकसद हो सकते हैं।
विज्ञापन

मोबाइल ऐप में आने के ये हो सकते हैं अखिलेश यादव के 5 मकसद

2 of 6
अखिलेश का सबसे बड़ा मकसद अपनी पार्टी को युवाओं और प्रगतिशील लोगों की पार्टी को दिखाना है। आम आदमी के बीच में सपा की इमेज एक पारंपरिक पार्टी की रही है। पार्टी नेताओं के बयान इस धारणा को और भी मजबूत करते रहे हैं, अखिलेश यादव शायद इसी जड़ता को तोड़ना चाहते हैं।

विज्ञापन

मोबाइल ऐप में आने के ये हो सकते हैं अखिलेश यादव के 5 मकसद

3 of 6
दूसरी बड़ी वजह प्रधानमंत्री मोदी का मुकाबला करना है। राजनैतिक गलियारों में ऐसी धारणा है कि लोकसभा चुनावों में मोदी की इतनी बड़ी जीत के पीछे युवाओं की बड़ी भूमिका रही है। फेसबुक, ट्वीटर और स्मार्टफोन के माध्यम से मोदी ने अपनी बात युवाओं तक पहुंचाई।

मोबाइल ऐप में आने के ये हो सकते हैं अखिलेश यादव के 5 मकसद

4 of 6
यूपी सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना इस ऐप को लांच करने की तीसरी बड़ी वजह हो सकती है। अखिलेश की सोच होगी कि इस ऐप के माध्यम से समाजवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार की मदद मिलेगी। सरकार की जो भी योजनाएं होंगी ऐप के माध्यम से आसानी से लोगों तक पहुंच सकेंगी।
विज्ञापन

मोबाइल ऐप में आने के ये हो सकते हैं अखिलेश यादव के 5 मकसद

5 of 6
इन दिनों राजनीतिक पार्टियां सदस्यता अभियान पर जोर दे रही हैं। बीजेपी इस मुहिम में सबसे आगे दिख रही है। मिस कॉल से सदस्य बनने का अभियान बाकी राजनीतिक दलों को भी राह दिखा रहा है। इस ऐप में समाजवादी विचारधारा से यूथ को जोड़ने के लि‍ए सदस्‍यता अभियान का भी कॉलम शामि‍ल रहेगा। ताकि अधिक से अधिक से अधिक से लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोबाइल ऐप में आने के ये हो सकते हैं अखिलेश यादव के 5 मकसद

6 of 6
सपा सु्प्रीमो मुलायम सिंह यादव की ब्रांडिंग करना भी इस ऐप का एक और मकसद हो सकता है। इस ऐप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के राजनीतिक जीवन की कई बाते विस्तार के साथ मौजूद रहेंगी।  ऐप के माध्यम से मुलायम सिंह के राजनीतिक जीवन को दिखाया जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें