भाजपा के कद्दावर नेता कल्याण सिंह के अंतिम दिनों से लेकर अंतिम सफर तक में सरकार और संगठन के प्रमुख लोग साये की तरह साथ रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में सरकार व संगठन ने उनकी देखभाल और सम्मान में कोई कसर बाकी नहीं रखी।
प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति में कल्याण के कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल समय-समय पर उनके परिजनों को फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे बल्कि निधन की खबर मिलते ही अगले दिन तमाम कार्यक्रम छोड़कर श्रद्धांजलि देने लखनऊ पहुंच गए।
प्रदेश में भाजपा को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में कल्याण की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक ले जाने में उनका योगदान जगजाहिर है। राज्यपाल पद से हटने के बाद कल्याण ने फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की तो मुख्यमंत्री से लेकर संगठन के शीर्ष नेताओं तक ने एक मार्गदर्शक के रूप में उन्हें सम्मान दिया। 5 जनवरी को कल्याण के जन्मदिन पर सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा सहित सरकार व संगठन के प्रमुख लोग शुभकामनाएं देने हर वर्ष यहां माल एवेन्यू की 2 नंबर कोठी पर पहुंचते थे।