मानदेय बंद होने से नाराज माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों ने शिक्षक दिवस पर गांधी प्रतिमा के समक्ष भीख मांगकर प्रदर्शन किया और बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष शिक्षकों ने मुंडन कराया। शिक्षक दिवस पर पुलिस ने शिक्षकों को जबरन पकड़कर ईको गार्डन पहुंचाया।
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प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
वित्तविहीन शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वित्त विहीन शिक्षक बुधवार सुबह हजरत गंज चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा पहुंचे। शिक्षकों ने वहां बैठकर हरिभजन करना शुरू किया। मौके पर पहुंचे हजरत गंज कोतवाल और सीइओ से शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराने की मांग की।
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काफी देर तक चले सूचनाओं के आदान प्रदान के बाद शिक्षकों ने हाथ में कटोरा लेकर चौराहे पर भीख मांगना शुरू कर दिया। उधर, अटल बिहारी वाजपेयी इंटर कॉलेज शाहजहांपुर की प्रधानाचार्य रेनू मिश्रा ने सिर मुंडवाना शुरू कर दिया।
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प्रदर्शनकारियों की अगुआई कर रहे एमएलसी उमेश द्विवेदी ने वित्तविहीन शिक्षकों व कर्मचारियों को समान कार्य का समान वेतन फॉर्मूला लागू कर भुगतान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये व्यवस्था लागू होने तक शिक्षकों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। अजय सिंह ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों को विनियमित करने समेत नौ सूत्री मांगें पूरी करने की मांग उठाई। (इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से भिड़ंत भी हुई।)
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हालात बिगड़ते देख पुलिस ने शिक्षकों को वहां से हटाना शुरू किया, पुलिस और शिक्षकों के बीच धक्का मुक्की और नोंक झोंक भी हुई। इससे वहां अफरा तफरी मचने लगी, माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने शिक्षकों को जबरन बसों में लादना शुरू कर दिया। पुलिस पहले शिक्षकों को पुलिस लाइन लेक गई, वहां से फिर ईको गार्डन स्थित धरना स्थल पहुंचा दिया। वित्त विहीन शिक्षक संघ के अजय सिंह एडवोकेट ने बताया कि इको गार्डन पर करीब सौ से अधिक शिक्षकों ने सिर मुंडवाया है। (प्रदर्शनकारियों को उठाकर बस की तरह ले जाती पुलिस।)
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व शासन ने मंगलवार रात इको गार्डन में मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था। शिक्षक दिवस के दिन शिक्षक विधायक और शिक्षकों के साथ पुलिस व सरकार ने अमानवीय व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर वित्त विहीन शिक्षकों का आंदोलन जारी रहेगा।