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बिना पते के लोहिया का पता बना लखनऊ, ... लेकिन अपने जीवन के इस एकमात्र पते पर एक दिन भी नहीं गए

Wed, 27 Feb 2019 04:38 PM IST
ishwar ashish अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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राम मनोहर लोहिया - फोटो : डेमो
डॉ. राममनोहर लोहिया के पास अपना कोई घर नहीं रहा। उनका अंबेडकरनगर के अकबरपुर में पैतृक घर भी देखरेख के अभाव में पूरी तरह से खत्म हो चुका था। समर्थकों ने कई बार उसे बनवाने का आग्रह किया, लेकिन राजनेताओं के संपत्ति खड़ी करने की प्रवृत्ति के घोर विरोधी लोहिया ने ‘देश के लाखों कार्यकर्ताओं का घर अपना ही है’ कहते हुए मना कर दिया।
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राम मनोहर लोहिया - फोटो : डेमो
वह अक्सर लखनऊ भी आते थे तो यहां न्यू हैदराबाद स्थित एक घर में रहा करते थे। समाजवादी चिंतन सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र बताते हैं, ‘डॉ. लोहिया ऐसे राजनेता रहे जिनका कोई स्थायी पता नहीं रहा। पर, जब वह फर्रुखाबाद से उप चुनाव जीते तब स्थायी पता लिखाने की जरूरत पड़ी।
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Ram Manohar Lohia
डॉ. लोहिया के पास हैदराबाद में बद्री विशाल पित्ती और कलकत्ता के बालकृष्ण गुप्त जैसे धनी लोग भी थे, पर इसी बीच एक सामान्य कार्यकर्ता ने कहा, ‘आप कहते हैं कि लाखों कार्यकर्ताओं के घर आपके हैं तो मेरा घर क्यों नहीं।

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राम मनोहर लोहिया - फोटो : डेमो
कार्यकर्ता के आग्रह को लोहिया ठुकरा नहीं सके और उनका पहला स्थायी पता दर्ज हुआ 69 / 3 बीएन वर्मा रोड, लखनऊ।’ इसी पते पर डॉ. लोहिया की जीत का प्रमाण-पत्र जारी हुआ, जिस पर फर्रुखाबाद के तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी एमपी पांडेय के हस्ताक्षर हैं।
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राम मनोहर लोहिया - फोटो : amar ujala
यह प्रमाण पत्र 21 मई 1963 को जारी किया गया। हालांकि डॉ. लोहिया अपने जीवन के इस एकमात्र पते पर एक दिन भी नहीं गए।’
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