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Sharavasti: खतरे के निशान से 190 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच घटने लगी राप्ती नदी, बाढ़ से घिरे 50 गांव, संपर्क कटा

Sun, 07 Jul 2024 05:37 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
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गांवों में सड़कों पर पानी भर गया है। - फोटो : amar ujala
श्रावस्ती जिले में शुक्रवार को मध्य रात से शुरू हुई आफत की बरसात रुक रुक कर रविवार को भी जारी रही। इस दौरान जहां राप्ती नदी का जल स्तर खतरे का निशान पार कर 190 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। वहीं सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नालों के उफान पर आने से भिनगा जंगल सहित भिनगा तेंदुआ व भुजंगा नव्वा नेवादा मार्ग जलमग्र हो गया है। राप्ती के बढ़े जलस्तर के कारण जहां आठ गांवों में नदी कटान कर रही है। वहीं 32 गांव पूरी तरह पूरी तरह बाढ़ से घिरे हुए हैं। जबकि अतिप्लावन के कारण करीब 20 गांव टापू बन गए हैं। इससे इन गांवों का एक दूसरे से संपर्क टूटा हुआ है।

तराई सहित नेपाल व पहाड़ों पर विगत तीन दिनों से हो रही बरसात के कारण जहां पहाड़ी नाले उफान पर हैं। वहीं नेपाल के कुसुम बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर रविवार सुबह खतरे का निशान 127.70 से बढ़ कर 129.60 मीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 190 सेंटीमीटर अधिक है। हालांकि दोपहर एक बजे से नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से घटने लगा है। दो बजे जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 129.50 मीटर मापा गया।
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- फोटो : amar ujala
नदी अपने घटते बढ़ते जलस्तर के कारण अपने तट पर स्थित मनिका कोट, नरायनपुर, नासिरगंज, फत्तेपुर तनाजा, दत्तनगर, अमवा, जोगिया व भगवानपुर गांव में कटान कर रही है। इसके साथ ही नदी का पानी जोगिया, लक्ष्मनपुर, पोदला, पोदली, लक्ष्मनपुर खुर्द, सर्रा, अशरफ नगर, खर्च, दत्त नगर, अमवा, नारायनपुर, कोटवा, दहावरकला व मोहम्मदपुर कला, सलारू पुरवा, बरंगा, हरिहरपुर, करनपुर, गुरूआ, गुरुदत्त पुरवा, लाहौर कला, लक्ष्मणपुर सेमरहनिया, असरफा बाजार, भीखमपुर जगरावलगड़ी सहित 32 गांवो में प्रवेश कर गया। जहां घरों में पानी आ जाने से लोग घर की छतों पर चारपाई व तखत पर पन्नी व तिरपाल तान कर डेरा जमाए हुए हैं।
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जमुनहा के सीएचसी मल्हीपुर में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : amar ujala
तहसील, ब्लाक व अस्पताल में भी भरा बाढ़ का पानी  
राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जमुनहा तहसील, ब्लाक परिसर व मल्हीपुर सीएचसी सहित पटना वीरगंज बाजार में लोगों के घरों व दुकानों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। इतना ही नहीं मल्हीपुर के बैरियर चौराहे से मधवारपुर होते हुए भंगहा आने वाले मार्ग पर कई फिट पानी आ जाने से आवागमन रोक दिया गया है। वहीं, शिकारी चौड़ा के निकट बहराइच जमुनहा मार्ग पर बाढ़ का पानी आने से आवागमन प्रभावित है। इसके साथ ही बाढ़ से घिरे 36 गांवों का तहसील ब्लाक व जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। यहां लोगों को सुरक्षित स्थन पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी के जवान मोटर बोट के सहारे लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं।

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जमुनहा का राप्ती बैराज। - फोटो : amar ujala
राप्ती नदी ही नहीं पहाड़ी नाले भी बरपा रहे कहर  
जिले सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण सिरसिया क्षेत्र का सोहेलवा व भिनगा जंगल पानी से जलमग्र हो गया है। इससे जंगल में रहने वाले जीव जंतुओं के प्रकृतिवास पर खतरा मंडरा रहा है। एक तरफ जहां जंगल में रहने वाले गाय भैंस मुख्य मार्ग की पटरियों पर डेरा जमाए हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ हिंसक जीव जंतु पेड़ व ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। इतना ही नहीं सिरसिया क्षेत्र के डगमरा, सूरजकुंडा व भैंसाही सहित अन्य पहाड़ी नालों के उफान पर आ जाने से आसपास के खेत जलमग्र हो गए हैं। वहीं केन नाला के उफान पर आ जाने से भिनगा ताल बघौड़ा, भुजंगा नव्वा मार्ग पर पानी आने से आवागमन बाधित हो गया है। यदि इसी तरह जंगल में पहाड़ी नाले का जलस्तर बढ़ा तो भिनगा सिरसिया व भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर आवागमन बाधित हो सकता है।
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जमुनहा क्षेत्र में भयावह हुई बाढ़ की स्थिति। - फोटो : amar ujala
और उग्र हुई राप्ती तो मचेगी तबाही  
राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर भले ही घट रहा हो लेकिन उसका पानी अब गिलौला व इकौना क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सहित करीब 144 गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो भिनगा इकौना मार्ग अवरुद्ध होने के साथ ही जमुनहा भिनगा व इकौना तहसील क्षेत्र के करीब 144 गांवों में राप्ती नदी अपना कहर बरपा सकती है। जिसे लेकर नदी के आसपास बसे गांवों के ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं। तमाम ग्रामीण आफत से बचने के लिए सुरक्षित स्थान की तलाश में जुट गए हैं।
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