लखनऊ का टॉप सरकारी कॉलेज राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज भी बदहाली का शिकार है। यह वही कॉलेज है जिसे उप मुख्यमंत्री मॉडल कॉलेज के रूप में देखना चाहते हैं। हालांकि, बारिश में यहां की कक्षाओं में पानी टपकने लगता है और पढ़ाई ठप हो जाती है। वहीं, कॉलेज का मैदान तो किसी तालाब से कम नहीं लगता।
विज्ञापन
2 of 5
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
यूं तो राजकीय जुबिली कॉलेज ग्रेडिंग में हर बार टॉप पर रहता है, लेकिन बदहाली से यह भी अछूता नहीं है। शुक्रवार को हुई भारी बारिश की वजह से शनिवार को पढ़ाई बेपटरी रही। मुख्य गेट के पास मैदान के सामने वाली कक्षाओं में पानी भर गया था। इस कारण काफी कम छात्र दिखे। कक्षाओं में पानी भरा होने की वजह से उनके बैठने की जगह ही नहीं बची।
विज्ञापन
3 of 5
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं कक्षाओं की हालत देखकर यह साफ लग रहा था कि यहां काफी समय से सफाई नहीं हुई है। कक्षा में काफी गंदगी थी और कूड़ा पड़ा था। छात्रों ने बताया कि छतें जगह-जगह से चटक गई हैं। जब भी तेज बारिश होती है जगह-जगह से टपकने लगता है और कक्षाओं में पानी भर जाता है। कॉलेज प्रबंधन ने पानी को साफ करने की जहमत तक नहीं उठाई। सबसे बुरा हाल तो खेल मैदान का है। पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे यह तालाब में तब्दील हो चुका है।
4 of 5
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
नहीं लगते तीन पीरियड
वाणिज्य वर्ग के छात्रों ने बताया कि कुल 8 पीरियड हैं, जिनमें से पांच तो लग जाते हैं लेकिन बाकी तीन पीरियड खाली रहते हैं। कुछ दिन पहले प्रधानाचार्य ने इनमें भी कक्षा लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन शिक्षक आते नहीं। पीने के पानी की भी है समस्या
छात्रों ने पीने के पानी की समस्या भी बताई। कहा कि वाटर कूलर काफी दूर लगा है, वह भी अक्सर खाली हो जाता है। वहीं, नल से जंक लगा पानी आता है, जो पीने युक्त नही।
बिल्डिंग पुरानी होने से समस्या
कॉलेज की बिल्डिंग पुरानी है जिस वजह से कई कक्षाओं की छत जर्जर हो चुकी है। हमारे यहां पर कोई सफाई कर्मचारी नहीं है और निजी सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की जा रही है - सर्वादानंद, प्रधानाचार्य