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तस्वीरों में देखें डिजाइन: पुरानी मस्जिद से अलग होगी अयोध्या में बनने वाली नई मस्जिद, गुम्बद भी नहीं होगा

Sat, 19 Dec 2020 07:52 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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बनने वाली मस्जिद का नया डिजाइन। - फोटो : amar ujala
अयोध्या के धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन लॉन्च कर दिया गया है। पांच एकड़ की जमीन पर मस्जिद और अस्पताल की दो इमारतें बनेंगी। मस्जिद का डिजाइन एस एम अख्तर ने तैयार किया है। परिसर में अस्पताल के साथ लाइब्रेरी, म्यूजियम और कम्युनिटी किचन भी बनाया जाएगा।

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने शनिवार को डिजाइन व आर्किटेक्ट लॉन्च किया। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना जुफर फारुकी व अतहर हुसैन सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।



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धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद का पूरा डिजाइन। - फोटो : amar ujala
मस्जिद में एक साथ दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी जबकि अस्पताल मल्टीस्पेशलिटी होगा। पूरी मस्जिद परिसर में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल होगा। नक्शा पास होने के बाद मस्जिद बनने का काम शुरू होगा।

बताया जा रहा है कि दो साल में निर्माण पूरा हो जाएगा। मस्जिद में गुम्बद नहीं होगा। इसका आकार खाड़ी देशों की मस्जिदों की तरह होगा।
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- फोटो : amar ujala
गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस पर रखी जा सकती है मस्जिद की नींव
धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद की नींव गणतंत्र दिवस या फिर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रखी जा सकती। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पिछले दिनों ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा था कि निर्माण शुरू करने के लिए पहली ईंट तो रखनी ही होगी तो इसके लिये 26 जनवरी या 15 अगस्त से बेहतर दिन दूसरा नहीं हो सकता है, क्योंकि 26 जनवरी को देश के संविधान की नींव रखी गई थी, जबकि 15 अगस्त को देश आजाद हुआ और आजाद भारत की नींव रखी गई थी।

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- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा था कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद में बाबर या उससे जुड़ा कोई जिक्र नहीं होगा और न ही किसी भाषा या राजा के नाम पर मस्जिद का नाम होगा।
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- फोटो : amar ujala
यह कहते हैं परियोजना के मुख्य वास्तुकार
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के निर्माण के लिए छह महीने पहले आईआईसीएफ का गठन किया था। परियोजना के मुख्य वास्तुकार प्रोफेसर एसएम अख्तर ने डिजाइन अंतिम रूप दिया है। अख्तर ने बताया कि मस्जिद में एक समय में 2,000 लोग नमाज अदा कर सकेंगे और इसका ढांचा गोलाकार होगा।
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- फोटो : amar ujala
 अख्तर के अनुसार, नई मस्जिद बाबरी मस्जिद से बड़ी होगी, लेकिन उसी तरह का ढांचा नहीं होगा। परिसर के मध्य में अस्पताल होगा। पैगंबर ने 1400 साल पहले जो सीख दी थी उसी भावना के अनुरूप मानवता की सेवा की जाएगी।
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मस्जिद - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि अस्पताल महज कंक्रीट का ढांचा नहीं होगा बल्कि मस्जिद की वास्तुकला के अनुरूप इसे तैयार किया जाएगा। इसमें 300 बेड की स्पेशलिटी इकाई होगी जहां डॉक्टर बीमार लोगों का मुफ्त इलाज करेंगे।
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- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण इस तरह से होगा कि इसमें सौर ऊर्जा के निर्माण की भी व्यवस्था की जाएगी।
 
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