बसपा सुप्रीमो मायावती ने अल्पसंख्यकों की आशंकाओं को दूर करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह सरकार बनाने के लिए न तो भाजपा से समर्थन लेंगी और न ही समर्थन देंगी। उन्होंने मंगलवार को लखनऊ व कानपुर में अपने प्रत्याशियों के समर्थन में दो जनसभाएं की।
विज्ञापन
2 of 5
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आरोप पर सफाई भी दी है कि जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा और बसपा एक-दूसरे के भ्रष्टाचार को बचाते हैं।
विज्ञापन
3 of 5
पहले चरण के मतदान में मुस्लिम मतों के बंटवारे की अटकलों के बीच मायावती ने दूसरे चरण के मतदान के एक दिन पहले कानपुर में चुनाव बाद की स्थिति पर अपना रुख साफ कर दिया।
4 of 5
- फोटो : amar ujala
कहा, अल्पसंख्यक समाज में से मुस्लिम समाज के राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों ने बसपा को खुलकर समर्थन दिया है। वह उनका सिर नीचे नहीं होने देना चाहती हैं। इसलिए सरकार बने या न बने, वह भाजपा को न तो समर्थन देंगी और न ही लेंगी।
वहीं, लखनऊ की जनसभा में उन्होंने पीएम मोदी के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में सपा और बसपा द्वारा एक-दूसरे को बचाने की बात सही नहीं है। बसपा सरकार ने ही मुलायम सिंह यादव के शासनकाल के मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और पुलिस भर्ती की जांच करवाकर सख्त कार्रवाई की थी, लेकिन सरकार बदली तो सपा ने उसे रफा-दफा कर दिया। इससे स्पष्ट है कि बसपा, सपा से मिली नहीं है।