मकान ढहाने के लिए घरों पर लगाए जा रहे लाल निशान
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अब तक नोटिस भी नहीं मिला
भीखमपुरवा के लोगों ने बताया कि टीम लाल निशान लगाकर चली गई। कहां तक मकान तोड़ेंगे, यह पता नहीं। किसी को कुछ बताया भी नहीं। विरोध किया तो टीम जल्दी-जल्दी निशान लगाकर चली गई। नोटिस भी नहीं मिला है, जिससे पता चल सके कि किस कारण और मकान का कितना हिस्सा तोड़ा जाएगा। कुछ धार्मिक स्थलों पर भी लाल निशान लगाया है।
दो मंजिला तक बने हैं मकान
जिन मकानों पर लाल निशान लगाया गया है, उनमें कई ऐसे हैं जिन्हें बनाने पर 50 लाख से अधिक रुपये खर्च हुए होेंगे। इन दो मंजिला मकानों को तोड़ना प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। बस्तीवाले भी कहते हैं कि ऐसे कैसे कोई उनका मकान तोड़ देगा। जरूरत पड़ी तो वह कोर्ट की शरण में जाएंगे।