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यूपी: पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश से प्रदेश के कई जिलों में नदियां उफान पर, ग्रामीणों में दहशत, तस्वीरें

Sun, 15 Aug 2021 02:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बलरामपुर के ललिया रोड पर साहेबनगर गांव के पास बाढ़ के पानी से गुजरते लोग। - फोटो : amar ujala
नेपाल में पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बरसात के बाद प्रदेश के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। जहां बाढ़ का पानी कम हुआ है उन जिलों में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। श्रावस्ती और बलरामपुर में राप्ती अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। यहां तेज बरसात से विशंभरपुर में कच्ची दीवार गिरने से उसके नीचे दब कर एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके चलते कई गांव अब टापू बन चुके हैं।

उधर बलरामपुर में लगातार जारी बरसात के कारण उफनाई राप्ती का जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर पांच सेंटीमीटर ऊपर बहने लगा है। सीतापुर के तराई वाले इलाके में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं जबकि 15 अन्य तटीय गांवों के किनारों पर भी बाढ़ का पानी दस्तक देने लगा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। सभी को संक्रमण का डर सता रहा है।
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बलिया के उदय छपरा गांव में लहरों में समाता एक मकान। - फोटो : amar ujala
बलिया: गंगा में समाए 15 मकान
आजमगढ़/बलिया। घाघरा का जलस्तर घटने और बढ़ने का क्रम जारी है। इसके साथ नदी कटान भी कर रही है। कुल 12 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। उधर, बलिया में गंगा के जलस्तर में खास वृद्घि नहीं देखी गई। उदय छपरा में 15 मकानों के साथ ही कोली माता का मंदिर गंगा की जलधारा में विलीन हो गया।
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गांव के सामने कटान करती गंगा। - फोटो : amar ujala
मेरठ: गंगा की लहरों से कटान तेज
मेरठ। आठ साल बाद गंगा ने गांव फतेहपुर और डाबर को फिर से अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। गंगा की धारा में दो झोपड़ी बह भी गई हैं। कटान रोकने के लिए किया जा रहा कार्य भी गंगा की तेज लहरों के सामने टिक नहीं पा रहा है। गांव के प्राथमिक विद्यालय के भी गंगा की चपेट में आने की आशंका है। प्रशासन ने भी गांव वालों से सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कह दिया है। प्रशासन स्टड बनवाकर गांव को बचाने के प्रयास में जुटा है।

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जलभराव का दृश्य। - फोटो : amar ujala
प्रयागराज: कछार में अब आफतों का डेरा
प्रयागराज। गंगा-यमुना शनिवार की सुबह खतरे के निशान से नीचे आ गईं। लेकिन, मुसीबतें और बढ़ गई हैं। अब कछार की गलियों से घरों तक गंदगी और कीचड़ का अंबार लग गया है। दुर्गंध फैलने से सांस लेना दूभर हो गया है। बड़े हिस्से में बिजली न होने से रातें अंधेरे में कट रही हैं।
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flood - फोटो : amar ujala
बलरामपुर के पावर हाउस परिसर रेहरा बाजार में भरा पानी।
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