लखनऊ के सआदतगंज में सोमवार आधी रात को नकाबपोश ने कैंपबेल रोड निवासी टेंट कारोबारी और उनकी पत्नी पर चाकू तानकर डेढ़ लाख रुपये नकद और करीब तीन लाख रुपये के जेवर लूट लिए। बुजुर्ग दंपती को कमरे में बंद कर बदमाश भाग निकला। अज्ञात बदमाश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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वारदात के बाद बिखरा पड़ा सामान व पीड़िता
- फोटो : amar ujala
प्रभारी निरीक्षक नीरज ओझा ने बताया कि हसनगंज बावली के नवीननगर निवासी सत्य प्रकाश जैन (63) का मकान में ही वरदान टेंट हाउस के नाम से कारोबार है। वह पत्नी अनीता (58) के साथ रहते हैं। बेटा मेहुल हांगकांग में एचडीएफसी बैंक में नौकरी करता है, जबकि बेटी की शादी हो चुकी है और वह फैजाबाद में है। सोमवार रात लगभग 12 बजे आहट से अनीता की आंख खुली तो उन्होंने मुंह पर कपड़ा बांधे दुबले-पतले बदमाश को देख चौंक गईं।
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बिखरा पड़ा सामान
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इस बीच सत्य प्रकाश की भी नींद टूट गई। दंपती ने शोर मचाने की कोशिश की तो बदमाश चाकू दिखा जान से मारने की धमकी देते हुए जेवर-नकदी के बारे में पूछने लगा। उसने सत्य प्रकाश को बेड से उठाया और आलमारी खुलवाकर उसमें रखे डेढ़ लाख रुपये, सोने-चांदी के जेवर व महत्वपूर्ण कागजात समेट लिए। बदमाश ने अनीता के पहने जेवर और दोनों के मोबाइल भी उठा लिए। इसके बाद दोनों को कमरे में बंद कर भाग गया।
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बिखरा पड़ा सामान
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दंपती ने शोर मचाया तो आस-पड़ोस के लोग एकत्र हुए। लूट की सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी बाजारखाला अनिल कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी समेत कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। दंपती का कहना है कि चोरी गए माल की कीमत लगभग पांच लाख रुपये है। पुलिस ने टेंट हाउस में काम करने वाले पिता-पुत्र समेत कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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पीड़िता
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छत के दरवाजे से घुसा बदमाश
सत्य प्रकाश ने बताया कि छत का दरवाजा रोज रात को टेंट हाउस में काम करने वाले ठाकुरगंज निवासी मुन्ना व उसका बेटा मुराद ही बंद करते हैं। सोमवार को शायद दरवाजा बंद नहीं किया, जिससे बदमाश भीतर घुस आया। पुलिस मुन्ना और मुराद की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए पूछताछ कर रही है। शक है कि बदमाश मुन्ना या मुराद का परिचित तो नहीं है। कहीं पिता-पुत्र ने ही तो उसे वारदात के लिए नहीं भेजा था।
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बिखरा पड़ा सामान
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हांगकांग से आठ अक्तूबर को ही लौटे थे बुजुर्ग
सत्य प्रकाश ने पुलिस को बताया कि वह बेटे मेहुल के पास तीन महीने हांगकांग में रहे। बीती आठ अक्तूबर को ही दंपती घर लौटा था। पुलिस को शक है कि वारदात से पहले बदमाशों ने रेकी की। उन्हें लगा होगा कि हांगकांग से बुजुर्ग काफी रुपये, कीमती तोहफे व अन्य सामान लाए होंगे।
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वारदात के बाद बिखरा पड़ा सामान
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सलीके से आ रहा था पेश
लूट के शिकार बने टेंट कारोबारी सत्य प्रकाश और उनकी पत्नी अनीता ने बताया कि बदमाश लंबा व दुबला-पतला था। उसने नीले रंग की चेकदार शर्ट और काले रंग की पैंट पहनी थी। चेहरे पर रुमाल बांधा था। उम्र 25 से 30 साल के बीच होगी। वह सलीके से पेश आ रहा था। अनीता के चीखने पर कहा भी कि मैं कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता हूं। बस जितनी नकदी-जेवर है, मेरे हवाले कर दो। पुलिस का कहना है कि बदमाश कोई ऐसा है जो न सिर्फ घर के बारे में सारी बातें जानता था बल्कि बुजुर्ग दंपती भी उसे पहचानते थे।
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बिखरा पड़ा सामान
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बदमाश बोला, छत पर एक मोबाइल छोड़ दूंगा
अनीता ने अपने जेवर उतारकर बेड के किनारे डाल दिए। अलमारी से जेवर-नकदी समेटने के बाद उसने बेड के नीचे गिरे अनीता के जेवर भी उठा लिए। अनीता गिड़गिड़ाईं तो बदमाश ने मदद के लिए एक मोबाइल छत पर छोड़ने की बात कही और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर भाग गया।
वारदात के बाद बिखरा पड़ा सामान
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बदमाश बार-बार मकान के बाहर अपने साथियों की मौजूदगी की बात कहकर दंपती को डरा रहा था। वह कह रहा था कि शांति से काम करने दो। शोर किया तो बाहर खड़े आदमी बुला लेगा। यह भी कहा कि हम अपनी मजबूती करके चलते हैं। एक बार उसने कहा, ‘नीके से बइठे रहो तो कउनौ दिक्कत न करी...’ दंपती ने पुलिस को इसकी जानकारी दी तो उनका माथा ठनक गया। पुलिस का मानना है कि बदमाश बातचीत के दौरान अपनी क्षेत्रीय भाषा में यह कह गया। आम बोलचाल में इस तरह के गंवई शब्दों का प्रयोग उन्नाव, सीतापुर या हरदोई में किया जाता है। यह भी हो सकता है कि बदमाश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया हो।