रानी वर्मा
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कभी सहयोग तो कभी सरकार से मिली निराशा
रानी सरकारी सिस्टम से थोड़ा परेशान हैं लेकिन बताती हैं कि सहयोग भी उसी का मिला है। जब 10वीं प्रथम श्रेणी में पास किया तो प्रधानमंत्री की एक योजना के तहत उन्हें एक लाख रुपये मिले थे। इस आर्थिक सहयोग ने आगे बढ़ने का हौसला दिया। किंतु इतना क्वालिफाई होने के बाद भी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकती, क्योंकि उसमें दोनों हाथ से दिव्यांग के लिए कोई कॉलम नहीं है। हमारे पास गांव में कच्चा घर है, आज तक कोई आवासीय सहायता नहीं मिली। आश्वासन दिया गया कि पिता को पट्टा मिलेगा, इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई।