बाबा कोतवालेश्वर महादेव भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। दशकों से लखनऊ के चौक में विराजमान बाबा झूठ बोलने वालों और पाप करने वाले को कभी माफ नहीं करते। उसे सजा जरूर देते हैं। ऐसी ही महिमा है चौक कोतवाली के गेट पर स्थित बाबा कोतवालेश्वर की। कोतवाली के चलते मंदिर का नाम कोतवालेश्वर महादेव मंदिर पड़ा।
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कोतवालेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
आजादी से पहले चौक कोतवाली के गेट पर एक पीपल के पेड़ के नीचे बाबा विराजे थे, लेकिन 1980 में चौक के तत्कालीन कोतवाल और कुछ समाजसेवियों ने बाबा को भव्य परिसर में विराजा। दशकाें पुराने इस मंदिर में दो शिवलिंग हैं। दोनों पर एक साथ शिवार्चन करने से बाबा प्रसन्न होते हैं।
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कोतवालेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
सावन मास में यहां बाबा का प्रतिदिन शृंगार होता है। वहीं, महाशिवरात्रि, कजरी तीज, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर झांकियां सजाई जाती हैं।
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कोतवालेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : amarujala
पुराने शिवलिंग पर तो भक्त हर दिन जलाभिषेक कर सकते हैं, लेकिन नए शिवलिंग पर सावन के सोमवार के अलावा, महाशिवरात्रि और कजरी तीज पर ही अभिषेक किया जा सकता है। बाकी दिनों में बाबा का महाकाल की तर्ज पर शृंगार होता है।
शिव भक्त विशाल गौड़ कहते हैं कि यहां आने वाले को बाबा से मांगना नहीं पड़ता। उनके दरबार में बगैर मांगे ही सब कुछ मिल जाता है। बस उनसे झूठ नहीं बोलना चाहिए, उनसे क्षमा मांगने पर वो माफ भी करते हैं।