डेमो
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तत्कालीन पुलिस उपमहानिरीक्षक की इजाजत पर दागी पुलिसकर्मियों को क्राइम ब्रांच से बाहर का रास्ता दिखाने के साथ सर्विलांस सेल का पुनर्गठन किया। राजधानी के 41 इनामी अपराधियों की कुंडली तैयार कराई। पता चला कि संगीन वारदातों में फरार इनामी के मूल निवास के थाने की पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास की खबर ही नहीं है। जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में भी सिर्फ हिरासत से फरार होने के मुकदमे मेें इनाम दर्शाया गया है। परदे के पीछे रहकर संगीन वारदातों के खुलासे में अहम भूमिका से क्राइम ब्रांच का महत्व बढ़ा। बरसों से क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले से महकमे को बदनाम करने वाले खेल बंद होने लगे।