पति की दीर्घायु के लिए दिन भर करवाचौथ का निर्जल व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए रात 8 बजे के बाद ही चांद को अर्घ्य देना उत्तम रहेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक लखनऊ के स्थानीय समय अनुसार चंद्रोदय भले ही 7:46 बजे से होगा, लेकिन चतुर्थी तिथि का मान कुछ देर बाद ही मिलेगा।
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इसलिए रात 8 बजे के बाद ही चांद को अर्घ्य देना श्रेयस्कर रहेगा। आचार्य प्रदीप के मुताबिक स्थानीय समायानुसार लखनऊ में करीब शाम 7:46 बजे के बाद चंद्रोदय होगा। चूंकि 27 की शाम को चतुर्थी 7:59 बजे से लगेगी।
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दिन भर निर्जल व्रत रहने वाली महिलाएं इसी के बाद उगते चंद्र को अर्घ्य देकर सुहाग की दीर्घायु की मंगलकामना करेंगी। चतुर्थी अगले दिन तो रहेगी, लेकिन उस दिन चतुर्थी में चंद्रमा नहीं मिलेगा।
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Karwa Chauth
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चूंकि करवा चौथ पर चतुर्थी का चंद्रमा ही पूजा जाता है, इसलिए 27 अक्तूबर को करवा चौथ का व्रत रखना श्रेयस्कर है।
लखनऊ में 7:46 बजे के बाद से चंद्रोदय होगा। चंद्रोदय की एक घड़ी (24 मिनट) के भीतर ही चंद्र को अर्घ्य देकर और गौरी गणेश का पूजन कर चौथ माई के व्रत का पारण कर लेना चाहिए।