राममंदिर आंदोलन के बड़े चेहरे और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद रविवार को उन्हें श्रद्घांजलि देने का सिलसिला जारी रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनके अंतिम दर्शन करने के लिए दिल्ली से लखनऊ आए और फिर वापस लौट गए।
अलग-अलग दलों के नेताओं ने लखनऊ स्थित उनके घर जाकर अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्घांजलि दी। उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास से पहले भाजपा कार्यालय ले जाया गया और फिर विधान भवन में रखा गया जहां पर एक के बाद एक राजनेताओं ने उनके अंतिम दर्शन किए।
भाजपा कार्यालय में ही कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर को तिरंगे के साथ ही भाजपा के झंडे से भी लपेटा गया। दरअसल, उनकी इच्छा थी कि निधन के बाद उनके शरीर को भाजपा के झंडे से लपेटा जाए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उनकी अंतिम इच्छा को सम्मान देते हुए कार्य पूरा किया।
भाजपा कार्यालय पर उन्हें श्रद्घांजलि देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। भाजपा के नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उनके अंतिम दर्शन के लिए आए। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि उनके जाने से जो शून्य उभरा है उसे भर पाना लगभग असंभव है।