‘अयोध्या जरूर आएंगे.. एक दिन पहले ही आ जाएंगे।' ये व्याकुलता भरे शब्द कल्याण सिंह ने साल भर एक अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को खुद फोन कर कहे थे। इस पर चंपत राय ने उन्हें उनके स्वास्थ्य का हवाला देकर आने से मना करने की कोशिश की। पर, कल्याण सिंह राम मंदिर के भूमि पूजन में पांच अगस्त को आने के लिए आतुर थे। वहीं चंपत राय उनको समझाने में खुद को असहाय दिख रहे थे।
अब कल्याण सिंह के निधन से अयोध्या स्तब्ध है। लोग खुद को अनाथ महसूस कर रहे हैं। साधु-संतों को मलाल है कि राम मंदिर फैसले के बाद कल्याण सिंह अयोध्या नहीं आ पाए। आम लोग कहते हैं कि कल्याण सिंह के आने पर अयोध्या में सिर्फ दीप ही नहीं जलाते, बल्कि ढोल-नगाड़े बजाकर उत्सव मनता। पर, यह इच्छा अब सपना ही बनकर रह गई।