फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मास्क व कपड़ों पर कोट्स से नई उम्मीद जगाने की पहल, मिडी हो या कुर्ता कुछ तो कहता है...

Tue, 30 Jun 2020 03:12 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : amar ujala
जिंदगी गुलजार है..., हमें हर हाल में भरोसा रखना होगा...। आगे बढ़ना होगा... और उम्मीद की एक लौ जलाए रखनी होगी...। कपड़ों व मास्क पर उत्साह से भरे ऐसे ही कोट्स के साथ फैशन भी मोटीवेशनल हो गया है।
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : amar ujala
कोविड-19 से डरे सहमे लोगों में फिर से एक उम्मीद की किरण जगाने की कोशिश में शहर के फैशन डिजाइनर भी जुट गए हैं। कोट्स लिखे मास्क और परिधान ट्रेंड करने लगे हैं। फैशन डिजाइनर शिखा सूरी द्वारा तैयार कलेक्शन भी जिंदगी गुलजार है का संदेश दे रहे हैं।


 
विज्ञापन

3 of 5
- फोटो : amar ujala
खादी कॉटन की मिडी इस मायने में खास है कि इस पर आपको जिंदगी का फलसफा पढ़ने को मिल जाएगा। शिखा के मुताबिक, कोविड के इस दौर में लोगों को तड़क-भड़क पसंद ही नहीं आ रही है। ग्राहक जो भी आ रहे हैं, उन्हें कुछ सुकून देना वाला चाहिए। दरअसल बीते कुछ महीने बहुत तनावपूर्ण रहे हैं। इसलिए हमने क्लाइंट के लिए प्लेन खादी फैब्रिक पर डिजाइन की जगह कोट्स का इस्तेमाल किया है। फिलहाल कोट्स लिखी शर्ट तैयार हो रही है क्योंकि इसकी भारी डिमांड है।

 

4 of 5
- फोटो : amar ujala
छोटे-छोटे शब्द पर मायने बड़े
फेथ, बिलीव, होप... और जिंदगी गुलजार है... जैसे कई सारे शब्द लिखे मास्क आपको बाजार में नजर आ जाएंगे। शिखा कहती हैं कि ये शब्द छोटे-छोटे हैं, लेकिन इनके मायने बड़े हैं और ज्यादा किसी को एक्सप्लेन करने की जरूरत भी नहीं। शिखा का कहना है कि इस तरह की रचनात्मकता बनाने और पहनने वाले दोनों का हौसला बढ़ाती है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
- फोटो : amar ujala
मास्क नहीं स्मार्क चाहिए
मास्क अब हमारी एक जरूरी एसेसरीज बन गया है। यदि आपको लगता है कि आप बाहर निकल रहे हैं और मास्क लगाने से आपका स्टाइल खराब हो रहा है तो आप स्मार्क इस्तेमाल करें। ये मास्क और स्कार्फ  का मिलाजुला रूप है। यह ड्रेस के साथ मैच करते फैब्रिक का इस्तेमाल करके बनाया गया है। यह आपकी सेफ्टी तो करता ही है साथ ही स्टाइल भी बनाता है। शिखा कहती हैं कि गर्मी में खादी से बेस्ट कुछ नहीं है। दूसरे हम जो भी पहनें यदि उसको अपनी पसंद के अनुसार करीने से पहन लें तो भला किसे अच्छा नहीं लगेगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें