बुलंदशहर में भी था बलराज का खौफ, डर से पीड़ित ने मांगी थी इच्छा मृत्यु
(बुलंदशहर)। साहब, पुलिस बलराज को नहीं मारती तो एक दिन वह मुझे जरूर मार देता। यह कहना है बेटे की हत्या के बाद जिंदा बचे एक मात्र गवाह जयपाल सिंह का। साल 2014 में बलराज भाटी ने ही उनके बेटे विपिन उर्फ लाला की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। चार साल से इस मामले में गवाही न हो पाने पर जयपाल ने बीते सितंबर माह में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, डीएम को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु मांगी थी। आतंक का पर्याय बन चुके बलराज भाटी का एनकाउंटर में अंत होने की सूचना मिली तो बेटे की हत्या का दर्द कुछ कम हो गया। यूपी, हरियाणा व दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके गांव ढूंसरी, बुलंदशहर निवासी अपराधी बलराज भाटी का अंत सोमवार को यूपी एसटीएफ और हरियाणा पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हो गया।