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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से विकास को लगेंगे पंख : जिले के किसानों से ली गई 1345 हेक्टेयर भूमि, एक्सप्रेस-वे का सुल्तानपुर में सर्वाधिक हिस्सा

Tue, 16 Nov 2021 08:13 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर

सार

प्रदेश की योगी सरकार ने इतने लंबे सिक्सलेन मार्ग का कार्य 36 माह में पूरा करवाया है। 341 किमी. लंबा मार्ग सिर्फ 36 महीने में तब पूरा हुआ जब 19 माह देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था। इस दौरान कई परियोजनाओं तक के कार्य बंद करा दिए गए थे।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में पीएम और सीएम - फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से विकास को पंख लगेंगे। एक्सप्रेस-वे के बनने से जिले में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्वरोजगार स्थापित करने वाले लोग एक्सप्रेस-वे से अपना सामान देश की राजधानी दिल्ली, प्रदेश की राजधानी लखनऊ व बिहार तक कम समय में पहुंच सकेंगे। करीब 341 किमी. लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने से राजधानी लखनऊ से पूरब दिशा में गाजीपुर होते हुए बिहार से जिला जुड़ गया है। पश्चिम में लखनऊ के साथ ही आगरा व यमुना एक्सप्रेस-वे होते हुए जिला देश की राजधानी दिल्ली से भी जुड़ गया। इसके बीच के सभी जनपदों से भी जिले का संपर्क हो गया है। ऐसी स्थिति में अब जिले में विभिन्न प्रकार का स्वरोजगार स्थापित करने वाले लोग अपना सामान दिल्ली, बिहार व प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जिलों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। एक्सप्रेस-वे के किनारे सरकार की ओर से औद्योगिक गलियारा स्थापित किए जाने की घोषणा से विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। औद्योगिक गलियारा विकसित होने से एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोल पंप, होटल समेत अन्य व्यावसायिक केंद्र स्थापित होने की संभावना बढ़ गई है। इससे भी लोगों को रोजगार व स्वरोजगार का लाभ मिल सकेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे लोग दुकान बनाकर भी व्यवसाय कर सकेंगे। खासकर 13 सर्विस रोड पर इसके अवसर ज्यादा मिलेंगे। ऊंचाई से एक्सप्रेस-वे गुजरने की वजह से इस पर दुर्घटना की आशंका भी कम रहेगी। लोग जिले से करीब डेढ़ घंटे में लखनऊ तक का सफर पूरा कर सकेंगे।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2018 में पूर्वांचल लखनऊ-गाजीपुर एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। प्रदेश की योगी सरकार ने इतने लंबे सिक्सलेन मार्ग का कार्य 36 माह में पूरा करवाया है। 341 किमी. लंबा मार्ग सिर्फ 36 महीने में तब पूरा हुआ जब 19 माह देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था। इस दौरान कई परियोजनाओं तक के कार्य बंद करा दिए गए थे।
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एयर शो को देखते पीएम मोदी और सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जिले में पड़ने वाले करीब 99.98 किमी. हिस्से पर करीब 4900 करोड़ रुपया खर्च आया है। इसके लिए किसानों की 1345 हेक्टेयर भूमि ली गई है। जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे करीब 99.98 किमी लंबा है। इतने लंबे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को सिक्सलेन से उतरने व चढ़ने के लिए जिले में 13 अप्रोच मार्ग (सर्विस रोड) बनाए गए हैं। प्रत्येक सर्विस रोड पर टोल प्लाजा स्थापित किया गया है।

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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में एयर शो - फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 123 गांवों के 20,123 किसानों की 1345 हेक्टेयर भूमि ली गई है। किसानों को भूमि का 1783 करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया गया है। यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ से गाजीपुर तक आठ पैकेज बनाए गए हैं। इसमें जिले में करीब ढाई पैकेज आए हैं। पैकेज तीन का कार्य एप्को, पैकेज चार का कार्य आरजे इंफ्राटेक व पैकेज पांच का कार्य पीएनसी कंपनी कर रही है। किसानों की भूमि के किए भुगतान व ढाई पैकेज के निर्माण पर करीब 4900 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उतरा विमान - फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कूरेभार के अरवलकीरी करवत के पास बनी एकलौती एयर स्ट्रिप के निर्माण पर ही करीब 278 करोड़ रुपये का खर्च आया है। 3.2 किमी लंबी व 124 मीटर चौड़ी स्ट्रिप को लड़ाकू विमानों को उतारने के लिए बड़ी मजबूती दी गई है। हवाई पट्टी का निर्माण पैकेज चार में कार्यदायी संस्था आरजे इंफ्राटेक ने कराया है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में एयर शो - फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सरकार की ओर से आठ औद्योगिक गलियारे विकसित करने की घोषणा की गई है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से जिले में दो औद्योगिक गलियारे विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक यूपीडा की ओर से इसकी मंजूरी नहीं मिली है। यूपीडा की ओर से औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए एक कंपनी से सर्वे कराया जा रहा है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में खड़ी गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
नौ जनपदों से होकर गुजरा 341 किमी लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का सर्वाधिक हिस्सा जिले में है। जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की लंबाई 99.98 किमी है। एक्सप्रेस-वे पर कूरेभार व कलवारी बांध के पास रेलवे लाइन पर दो सेतु बनाए गए हैं। इसके अलावा 16 अंडर पास बनाए गए हैं। पुल व पुलियों की संख्या 27 है।
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