कोरोना इफेक्ट ने बाजारों के ट्रेंड को भी बदल दिया है। सराफा बाजार में तो इसका असर साफ दिख रहा है। भारी के बजाय हल्के गहनों की ही डिमांड हो रही है। इनमें भी खासतौर पर अंगूठियाें की मांग हो रही है। हालांकि इसमें भी 4-5 ग्राम के बजाय महिलाएं 2-3 ग्राम की ही अंगूठी मांग रही हैं। यह ट्रेंड उनमें भी दिख रहा जिनके घरों में शादियां हैं। पहले से कराए गए वजनी गहनों की बुकिंग रद्द कर वे भी हल्के गहने मांग रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि वजनी गहनों की डिमांड हो ही नहीं रही है। अमीनाबाद, महानगर, गोमती नगर, आलमबाग के शोरूमों में भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि कुछेक शादी के घरों को छोड़ दिया जाए तो पांच लाख रुपये के सेट के तो खरीदार ही नहीं मिल रहे। सराफा कारोबारी भी बदलते ट्रेंड के हिसाब से हल्के गहने तैयार करवा रहे हैं। बदलती डिमांड का ही असर है कि 55 हजार रुपये के सोने के सेट शोरूमों पर मिल रहे हैं। इस सेट में हार, झाला और टॉप्स शामिल है। कारोबारी शैलेश रस्तोगी बताते हैं कि इस सेट का वजन लगभग 11 ग्राम है। जो सेट खरीद रहे उनको अंगूठी अलग से लेनी पड़ती है।
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रविंद्र नाथ रस्तोगी
- फोटो : amar ujala
दस फीसदी रह गया कारोबार
लॉकडाउन से पहले रोजाना 50 से ज्यादा सोने की अंगूठियां बिक जाती थीं, अब तो पांच ही बमुश्किल बिक पाती हैं। पहले 25 से 30 चेन भी बिक जाती थीं अब तो 4 से 6 चेन ही बिक पाती हैं। - रविंद्र नाथ रस्तोगी, अध्यक्ष, लखनऊ सराफा एसोसिएशन व फतेहगंज के कारोबारी
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अनुज अग्रवाल
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शगुन के गहनों पर भी असर
पहले लोग अंगूठी, पायल, बिछिया, चेन आदि शादी में उपहार स्वरूप देने के लिए ले जाते थे। शादी समारोहों में शामिल होने वालों की संख्या सीमित किए जाने से शगुन वाले ग्राहक भी नहीं निकल रहे। अब तो इतने गहने भी नहीं बिक रहे कि रोज का शोरूम का खर्चा भी निकाल सकें। - अनुज अग्रवाल, कारोबारी, भूतनाथ इंदिरानगर
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राजीव रस्तोगी
- फोटो : amar ujala
महिलाओं से उम्मीद
अभी बाजार ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। सोने-हीरे के गहने तब सबसे ज्यादा बिकते हैं जब महिलाएं खरीद-फरोख्त के लिए बाजार आती हैं। महंगे गहनों का शौक रखने वाली महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल रही हैं। - राजीव रस्तोगी, चेयरमैन, लखनऊ महानगर सराफा एसो. व अमीनाबाद के कारोबारी
बजट में कर रहे कटौती
जिन ग्राहकों ने शादी के गहनों का बजट पांच लाख तय कर रखा था उन्होंने लॉकडाउन के चलते इसमें कटौती कर तीन लाख रुपये तक कर दिया है। शादी के लिए जिनको पहले सोने के सात आभूषण खरीदने थे, अब पांच ही खरीद कर काम चला रहे हैं। - आदिश जैन, संगठन मंत्री, लखनऊ सराफा एसोसिएशन व चौक के कारोबारी