वह तो थकता ही नहीं था
चौबीस घंटे काम करने के बाद भी उसके चेहरे की मुस्कुराहट बनी रहती थी। कोई शिकायत नहीं की कभी। बस उसका एक ही जुनून था कि काम अच्छा होना चाहिए। एक दो नहीं, तीन, चार और कभी-कभी दस टेक भी हो जाए तो वह एतराज नहीं करता था। तीन साल तक उसने पवित्र रिश्ता में काम किया और हर घर में उसके चाहने वाले थे। मानव एक ऐसी इमेज बन गई थी कि सब उससे प्यार करते थे।