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इन होनहारों ने तोड़ दीं नंबरों की बंदिशें, बजाया लखनऊ का डंका, तस्वीरें

Sat, 11 Jul 2020 04:23 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सुमित और निर्पुण माथुर - फोटो : amar ujala
कोरोना संक्रमण की वजह से क्या बच्चे क्या बड़े सभी को बंदिशों का सामना करना पड़ रहा है, पर यह बंदिश परीक्षा परिणाम देखने को नहीं मिली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईसीएसई) के 12वीं के रिजल्ट में स्टूडेंट्स ने 99.75 फीसदी तक अंक हासिल किए।आलम यह रहा कि 99 फीसदी से ज्यादा नंबर लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या ही सैकड़ों में पहुंच गई। अकेले सीएमएस में ही 95 फीसदी से ज्यादा नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या पांच सौ से ऊपर रही। इसी तरह एलपीसी, एसकेडी, जयपुरिया, सेंट फ्रांसिस, स्प्रिंग डेल, ला-मार्टीनियर, लॉरेटो, सेंट एग्नेस, कॅरियर कॉवेंट, यूनिटी, ब्रेन कॉवेंट और आरएलबी जैसे स्कूल के बच्चों ने सफलता के नए कीर्तिमान गढ़े।

 
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सुमित - फोटो : amar ujala
कमजोर विषयों पर किया ज्यादा फोकस : सुमित
आईएससी में 99.75 प्रतिशत अंकों के साथ सीएमएस गोमतीनगर के सुमित कुमार त्रिपाठी ने प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्हें इंग्लिश में 99, फिजिक्स में 92, कैमिस्ट्री में 90, बायो, बायोटेकभनोलॉजी और फिजिकल एजुकेशन में 100-100 अंक मिले। वह वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। सफलता का मंत्र साझा करते हुए सुमित ने कहा, जो कमजोर विषय थे उन पर सबसे ज्यादा फोकस किया और रोजाना पढ़ाई की। पिता संजय त्रिपाठी बीएसएनएल में कार्यरत हैं, मां गायत्री देवी गृहिणी हैं।

 
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निर्पुण माथुर - फोटो : amar ujala
एनडीए में जाकर करूंगा देश का नाम रोशन : निर्पुण माथुर
आईएससी में 99.75 फीसदी अंक लाने वाले एसकेडी राजाजीपुरम के निर्पुण माथुर एनडीए में जाकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। उन्हें पहले प्रयास में सफलता भी मिल गई है और वह बची परीक्षा पास करने में जुटे हैं। निर्पुण के पिता संदीप माथुर का कारोबार है और मां मीना माथुर शिक्षिका हैं। उन्होंने कहा कि  नियमित और लगन के साथ की गई तैयारी हमेशा सफल होती है। कॉलेज में जो पढ़ाया जाए, उसके नोट्स बनाकर रिवीजन करें। लोगों को पढ़ना अच्छा लगता है

 

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श्रेष्ठा - फोटो : amar ujala
बनना चाहती है मनोवैज्ञानिक 
आईएससी में 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली सीएमएस कानपुर रोड की श्रेष्ठा सिंह भविष्य में मनोवैज्ञानिक बनना चाहती है। श्रेष्ठा ने इंग्लिश में 98, इकोनॉमिक्स में 97, मैथ्स में 95 कंप्यूटर , साइकोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन में 100-100 अंक अर्जित किए हैं। अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए श्रेष्ठा ने बताया कि जो पसंद था उन विषयों को ज्यादा पढ़ा। रोजाना सभी विषयों की पढ़ाई की। साथ ही जो विषय कमजोर थे उनकी तैयारी पर खास ध्यान दिया। दूसरे छात्रों को टिप्स देते हुए बताया कि सभी विषयों पर अव्वल अंक लाने के इरादे से पढ़ाई करें। पिता जय सिंह और मां वंदना सिंह दोनों सरकारी क्षेत्र में कार्यरत हैं।
 
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रुख्सार - फोटो : amar ujala
सिविल सेवा में संवारना है भविष्य
रुख्सार ने इंटर में 99.5 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उसने इंग्लिश में 98, बायो, फिजिकल एजुकेशन और बायोटेक्नोलॉजी में 100-100 अंक आए हैं। सीएमएस राजाजीपुरम की छात्रा रुख्सार के पिता डॉ. मसूद आलम संडिल स्थित सीएचई में जनरल फिजिशियन हैं जबकि मां डॉ. नसरीन दंत चिकित्सक हैं। रुख्सार इससे इतर सिविल सेवा में अपना भविष्य संवारना चाहती हैं। वह आईएएस अधिकारी बन देश की सेवा करना चाहती हैं। अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए बताया कि वह रोजाना स्कूल के अलावा पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। इंग्लिश उसका कमजोर विषय रहा, इस  पर ज्यादा फोकस किया। अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और अभिभावकों को दिया है।
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यूसरा बासित - फोटो : amar ujala
लेखन में बनाना है कॅरियर
सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल की यूसरा बासित 12वीं में 99.5 फीसदी नंबर लाने के बाद भी लेखक बनना चाहती हैं। यूसरा ने इंटरमीडिएट में बेहतर प्रदर्शन कर लक्ष्य की तरफ मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं। पिता अब्दुल बासित एनएचआई में अधिकारी हैं तो मां रोजीना बासित आर्टिस्ट और लेखिका हैं। बड़ी बहन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। यूसरा बताती हैं कि अब तक वे दो उपन्यास और कई लघु कथाएं लिख चुकी हैं। कक्षा पांच में उनकी रचना आगरा में ताज लिटरेरी फेस्टिवल में प्रकाशित हुई थी। उनके दो उपन्यास प्रकाशन के लिए तैयार हैं। यूसरा ने राजनीति विज्ञान में 100, मनोविज्ञान में 100, इतिहास में 100, हिंदी में 99 और अंग्रेजी में 98 अंक हासिल किए हैं। यूसरा को बीए अंग्रेजी ऑनर्स में विदेशी विवि में स्कॉलरशिप पर दाखिला मिल चुका है। 

 
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नूरिया फातिमा - फोटो : amar ujala
मानविकी में नूरिया ने हासिल किए 99.5 फीसदी अंक
ला-मार्टीनियर गर्ल्स कॉलेज की छात्रा नूरिया फातिमा ने मानविकी में 99.5 फीसदी नंबर हासिल किए हैं। नूरिया के पिता नदीम काजमी बिजनेसमैन और मां रूबीना जावेद गृहिणी हैं। रूबिना के अनुसार फिलहाल आगे के लिए उन्होंने कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। फिलहाल वह मनोविज्ञान में बीए ऑनर्स की पढ़ाई करना चाहती हैं। उनके अनुसार कोरोना संक्रमण की वजह से वह मनोविज्ञान का पेपर नहीं दे सकी थीं, लेकिन उन्हें इस विषय में 100 में से 100 नंबर मिले हैं। अपने जूनियर के लिए उनकी सलाह है कि वे किसी प्रकार का दबाव न लें तथा अपनी क्षमता के हिसाब से ही पढ़ाई करें। नूरिया ने राजनीति विज्ञान में 100, मनोविज्ञान में 100, इतिहास में 100, अंग्रेजी में 98, और कंप्यूटर साइंस में 100 अंक हासिल किए हैं। 

 
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राजवी सिंह - फोटो : amar ujala
सगी बहनों ने पाई सफलता, घर में छाई खुशियां
सीआईएससीई के परिणाम में गोमती नगर निवासी सगी बहनों ने सफलता पाई है। जयपुरिया गोमती नगर की बड़ी बहन राजवी सिंह ने जहां 12वीं में 95 फीसदी अंक के साथ तो छोटी बहन आद्या सिंह ने 10वीं में 92 फीसदी अंकों के साथ सफलता पाई है। राजवी जहां आईएएस बनकर महिला सशक्तीकरण के लिए काम करना चाहती है, वहीं आद्या पायलट बनकर अपने सपने पूरा करना चाहती है। इनके पिता डॉ. आरके सिंह डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) में उप कुलसचिव और मां रंजना सिंह गृहिणी हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि बेटियों ने मेरा नाम रोशन किया है।
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