पहाड़ों पर बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी से राप्ती व सरयू का जलस्तर बढ़ने से गोंडा-बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और बाराबंकी के कई गांवों में पानी भर गया है।100 से ज्यादा गांवों का संपर्क कट गया है। कई गांवों में लोगों का पलायन शुरू हो चुका है।
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मजगवां जाने वाली मुख्य पुलिया धंस गई
- फोटो : amar ujala
बलरामपुर में राप्ती नदी व 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ से 40 गांव टापू बन गए। डीएम ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है।
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सड़क पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित
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बहराइच के महसी क्षेत्र में सरयू की कटान में एक घंटे में ही 13 मकान नदी में समा गए। 250 बीघा खेत भी कट गए। ं
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गोंडा में करनैलगंज के नकहरा गांव में घुसा बाढ़ का पानी
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श्रावस्ती में राप्ती का जलस्तर बढ़ने से करीब 40 गांव बाढ़ की जद में आ गए। मनी कला के मजरा दुरदुरपुर में दो चचेरी बहनें तेज बहाव में बह गईं। ंकई गांवों का आवागमन बाधित हो गया। पुलिस व एसएसबी को रेस्क्यू करना पड़ा। बाराबंकी में सरयू के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बाढ़ के बीच जोखिम उठाकर गुजरते रहे लोग
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लखनऊ-गोंडा के बीच करीब 58 वर्ष पहले सरयू नदी पर बने पुल में चार इंच से अधिक चौड़ी दरार आ गई है। इस पुल से गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, आजमगढ़, फैजाबाद, बढ़नी, सहित बिहार तक जाने वाले वाहन गुजरते हैं।