फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

Thu, 12 Nov 2015 05:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
कानपुर के दबौली के रहने वाले प्रकाश अपनी भाभी के साथ दीवाली मना रहे हैं। उनका कहना है कि वह देख नहीं सकते पर मन की आंखों से सब अनुमान लगा सकते हैं।
विज्ञापन

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

2 of 6
प्रकाश जन्म से अंधे हैं। वह कहते हैं कि मुझे पता है कि जलता हुआ दिया कैसा लगता है। मुझे सारे रंगों को जान सकता हूं।
विज्ञापन

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

3 of 6
प्रकाश अपने बेटे के साथ।

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

4 of 6
और ये हैं गोपाल व ऊषा जो कि कानपुर के जवाहर नगर में रहते हैं। वो कहते हैं कि दीवाली में हमें पटाखे नहीं जलाने चाहिए, इससे जानवरों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि आंख वाले लोग गलती करते हैं। अगर वो न संभले तो आने वाला कल नहीं देख पाएंगे।
विज्ञापन

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

5 of 6
प्रकाश के परिजन।
विज्ञापन
विज्ञापन

देख नहीं सकते, बोले- मन की आंखों से जलाते हैं दिए

6 of 6
अपने बेटे के साथ प्रकाश दीवाली मनाते हुए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें