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बच्चे को दो मिनट में 40 थप्पड़ मारने वाली शिक्षिका के बारे में कई और खुलासे, केस दर्ज

Fri, 01 Sep 2017 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ के उतरठिया स्थित जॉन विनी स्कूल में कक्षा तीन के छात्र रितेश की बेरहमी से पिटाई के मामले में शिक्षिका रेटिका वी. जॉन के खिलाफ बृहस्पतिवार को केस दर्ज कर लिया गया। छात्र के पिता ने बुधवार रात ही पुलिस को तहरीर दी थी। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने एफआईआर लिखकर जांच शुरू कर दी है।

एसओ बृजेश राय ने बताया कि प्रिंसिपल रोनाल्ड रोड्रिग्स ने पिटाई की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी है। इसे देखने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। उधर, प्रिंसिपल के साथ पीजीआई थाना पहुंचे छात्र के पिता प्रवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि वे बाल आयोग में भी शिकायत करेंगे।

यहां पढ़ें पूरा मामला- ‘प्रजेंट मैम’ नहीं बोला तो टीचर ने दो मिनट में जड़े 40 थप्पड़, गला दबाया, सिर दीवार से लड़ा दिया

गौरतलब है कि  मंगलवार दोपहर स्कूल में अटेंडेंट के वक्त रितेश ड्राइंग बनाने में मग्न होने के कारण प्रजेंट मैम नहीं बोल सका था। इस पर रेटिका ने उसे दो मिनट में 40 थप्पड़ मारे। साथ ही गला दबाकर कॉलर पकड़कर घसीटा और ब्लैक बोर्ड व दीवार पर उसका सिर दे मारा था। बुधवार को रितेश के माता-पिता स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से शिकायत की। सीसीटीवी फुटेज में शिक्षिका की करतूत सामने आई। प्रिंसिपल ने उसे नौकरी से निकाल दिया था।

देखें, पूरा वीडियो

मामला रफा-दफा करने के लिए डलवाया दबाव
प्रवेन्द्र ने बुधवार को ही प्रिंसिपल के सामने शिक्षिका रेटिका वी. जॉन के खिलाफ केस दर्ज कराने की बात कही थी। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी। इस पर शिक्षिका ने कई लोगों से फोन कर केस न कराने और मामला रफा-दफा कराने का दबाव डलवाया। हालांकि, प्रवेंद्र नहीं माने। उनका कहना था कि मुकदमा इसलिए कराया ताकि कोई भी रेटिका को अपने स्कूल में नौकरी पर न रखे।
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आंखें तरेरती थी शिक्षिका, बच्चों के प्रति था क्रूर रवैया
रेटिका वी. जॉन बच्चों को देखकर आंखें तरेरती थी। उसका रवैया बच्चों के प्रति क्रूर था। पहले भी उसने कई बच्चों को प्रताड़ित किया था। बृहस्पतिवार को स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि डेढ़ महीने पहले उसने कक्षा आठ के एक छात्र को कपड़े उतारकर ग्राउंउ के चक्कर लगवाने की धमकी दी थी। अक्सर वह बच्चों की अंगुलियों के बीच पेंसिल फंसाकर दबा देती थी। बच्चों ने भी कहा कि वह शिक्षिका के क्लासरूम में आते ही दहशत में आ जाते थे।
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दहशत के चलते नहीं कराया बच्चे का मेडिकल
पुलिस ने प्रवेंद्र से बच्चे का मेडिकल कराने को कहा, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। कहा कि बच्चा इतनी दहशत में है कि न थाना आ सकता है न ही अस्पताल जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेटा स्कूल जाने से भी घबरा रहा है। पुलिस ने उनकी तरफ से बच्चे का मेडिकल न कराने की बात लिखकर ले ली है।

सोशल मीडिया पर शिक्षिका के खिलाफ गुस्सा
रितेश की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वहां भी शिक्षिका के खिलाफ गुस्सा फैल गया। लोगों ने पिटाई का वीडियो सोशल साइट पर पोस्ट किए तो कमेंट्स की बाढ़ आ गई। लोगों ने शिक्षिका को बुरा-भला कहते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की बात कही।
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जेजे एक्ट के तहत होनी चाहिए थी कार्रवाई
रितेश के पिता ने इस प्रकरण में जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस से पूरी घटना बताते हुए तहरीर दी लेकिन मामूली मारपीट की धारा में केस दर्ज करके इस संवेदनशील प्रकरण को हलका बना दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को एफआईआर में जेजे एक्ट भी शामिल करना चाहिए था।
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