लखनऊ में एटीएस द्वारा गिरफ्तार मड़ियांव के सीतापुर निवासी मुशीरुद्दीन उर्फ मुशीर उर्फ राजू के बारे में कई तरह के चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। कोई बता रहा है कि कैसे वह पहले एक सामान्य ई-रिक्शा चालक था और धीरे-धीरे बैटरी की दुकान खोल ली थी। आसपास के लोग भी उसकी गिरफ्तारी के बाद हैरत में हैं। एटीएस ने बताया कि आतंकी संगठन से मुशीरुद्दीन के गहरे संबंध हैं। इस मामले में उससे पूछताछ भी जारी है। लोग बताते हैं कि डेढ़ साल पहले तक मुशीर ई-रिक्शा चलाता था। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान उसने रिक्शा चलाना छोड़कर बैटरी की दुकान खोल ली थी। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली और संदेहास्पद बात यह है कि मुशीर की माली हालत भले ही खराब थी, लेकिन इसका असर कभी उसके रहन-सहन पर नहीं दिखता था।
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आतंकियों को पकड़ने के दौरान एटीएस ने घर को किया सील
- फोटो : अमर उजाला
मुशीरूद्दीन मड़ियांव इलाके में रहने से पहले हसनगंज के खदरा में रहता था। दो साल पहले उसने खदरा का मकान बेच दिया। इसके बाद मोहिबुल्लापुर में मकान खरीदा। मकान अब भी पूरी तरह नहीं बना है।
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आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद इलाके को खाली कराती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पिछले लॉकडाउन के दौरान तीन महीने तक उसका ई-रिक्शा खड़ा था। जिसके बाद खराब हो गया। रोटी की तलाश में उसने कुछ लोगों से कर्ज लेकर बैटरी की दुकान खोली। इसके बाद वहीं बैठता था। परिवार में पत्नी, बूढ़ी मां और दो बच्चे हैं।
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एटीएस ने बरामद किया प्रेशर कूकर
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हालांकि माली हालत ठीक नहीं है। लेकिन, उसके रहन-सहन पर कोई असर नहीं पड़ता था। मुशीर के साथ-साथ परिवार के सभी लोग अच्छे कपड़े पहनते थे और अच्छा खाते-पीते थे। मुशीर बातचीत के दौरान सोच समझकर शब्दों का प्रयोग किया करता था। इसके साथ ही खाने पीने के मामले में भी वह काफी सतर्क रहता था।
मुशीरूद्दीन की पत्नी के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे एटीएस कमांडो की टीम उसके घर पहुंची। इसके बाद सभी को एक किनारे कर दिया गया। पूरे घर में तलाशी ली गई।घर के अंदर नया गैस चूल्हा, कुकर और बर्तन रखे थे। टीम ने घर से एक प्रेशर कुकर लिया और मुशीरूद्दीन को हिरासत में लेकर चले गए। पत्नी के मुताबिक सुबह परिवार के लोग नाश्ता ही कर सके थे, तभी एटीएस की टीम ने छापा डाला था।