इटौंजा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक बुजुर्ग की संदिग्ध हालात में ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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ट्रेनें गुजरती रहीं, रेलवे ट्रैक पर घंटों पड़ा रहा बुजुर्ग
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पांच घंटे तक उसका शव ट्रैक पर पड़ा रहा। इस दौरान शव के ऊपर से कई ट्रेनें गुजर गईं लेकिन कोई पुलिस कर्मी वहां नहीं पहुंचा।
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तकरीबन 65 वर्षीय बुजुर्ग की शिनाख्त नहीं हो सकी है। उसने नीले रंग की शर्ट व आसमानी पैंट, मटमैला जैकेट पहना हुआ था।
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बताते हैं कि यह बुजुर्ग दो दिन से स्टेशन पर घूम रहा था। मूक बधिर था और मांग कर खाता पीता था। स्टेशन मास्टर गोपालजी पांडेय ने इटौंजा थाने व जीआरपी स्टेशन ऐशबाग को मामले की जानकारी दी।
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सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक पुलिस व जीआरपी का कोई भी कर्मी नहीं पहुंचा। इस दौरान प्लेटफार्म से कई ट्रेन गुजरती रहीं और बुजुर्ग का शव ट्रैक पर ही पड़ा रहा। इससे यात्रियों ने नाराजगी जताई।
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जीआरपी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उनका कहना है कि बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की है।
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इटौंजा रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर गोपालजी पांडेय ने बताया कि उन्होंने सुबह सात बजे ही पूरे मामले की जानकारी इटौंजा थाने व जीआरपी ऐशबाग को दे दी थी। (बुजुर्ग का शव।)
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वही, इटौंजा थाने के प्रभारी निरीक्षक मुखराम यादव ने बताया कि शव प्लेटफार्म पर मिला था। वह क्षेत्र जीआरपी की सीमा में आता है। (बुजुर्ग का शव ट्रैक से हटाते हुए लोग।)