विवेकानंद के जीवन से लीजिए प्रेरणा
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युवाओं को किया प्रेरित
1890 के दौरान विवेकानंद ने पूरे देश में भ्रमण कर भारतीय समाज और लोगों के रहन-सहन, संस्कृति को समझने की कोशिश की। लोगों के बीच आपसी भेद देखकर उन्हें समझ आया कि इन कुरीतियों को खत्म करने से ही नए भारत का निर्माण होगा। इसके लिए उन्होंने लोगों को शिक्षित करना, युवाओं को प्रेरित करना शुरू किया। उन्होंने नारा दिया- उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत।